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ईरान के खेल मंत्री का बयान: 2026 फीफा वर्ल्ड कप में भाग नहीं लेगा देश

नई दिल्ली। 2026 का फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से शुरू होने वाला है और इसकी मेजबानी संयुक्त रूप से अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको कर रहे हैं। टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में ईरान की टीम को 15 जून को लॉस एंजिल्स में न्यूज़ीलैंड, 21 जून को बेल्जियम और 26 जून को सिएटल में मिस्र के खिलाफ मैच खेलने थे। लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के कारण ईरान की भागीदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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खिलाड़ियों की सुरक्षा पर जताई चिंता

ईरानी खेल मंत्री ने ईरान के सरकारी प्रसारण नेटवर्क IRIB स्पोर्ट्स से बातचीत में कहा कि “जिस सरकार ने हमारे सर्वोच्च नेता की हत्या की है, उसके बाद हमारे पास विश्व कप में भाग लेने की उपयुक्त परिस्थितियाँ नहीं हैं। हमारे खिलाड़ियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं है।”

क्षेत्रीय संघर्ष से बढ़ी अस्थिरता

गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत हो गई थी। इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल और उन देशों की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए जहाँ अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इस बढ़ते सैन्य संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है।

मंत्री बोले – पिछले महीनों में दो युद्ध झेले

अहमद दुन्यामाली ने आगे कहा कि पिछले आठ–नौ महीनों में देश पर दो युद्ध थोपे गए हैं, जिनमें हजारों लोग मारे गए हैं। ऐसी स्थिति में खिलाड़ियों को विदेश भेजना सुरक्षित नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि इन हालात में विश्व कप में भागीदारी की संभावना लगभग खत्म हो गई है।

फीफा अभी भी भागीदारी की उम्मीद में

हालाँकि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ फीफा अभी भी उम्मीद कर रहा है कि ईरान टूर्नामेंट में खेलेगा। फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद कहा था कि ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान की टीम का अमेरिका में स्वागत किया जाएगा।

विश्व कप को बताया एकजुट करने वाला मंच

इन्फैन्टिनो ने सोशल मीडिया पर लिखा कि विश्व कप जैसे वैश्विक आयोजन का उद्देश्य दुनिया को एकजुट करना है और मौजूदा समय में इसकी पहले से ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा कि खेल राजनीति से ऊपर उठकर लोगों को जोड़ने का काम करता है।

महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठा

वहीं ईरान फुटबॉल फेडरेशन के प्रमुख मेहदी ताज ने भी टीम की भागीदारी को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने हाल ही में उस घटना का जिक्र किया जिसमें ईरान की महिला फुटबॉल टीम की छह खिलाड़ियों को सुरक्षा कारणों से ऑस्ट्रेलिया में मानवीय वीजा दिया गया था।

ऑस्ट्रेलिया में सात लोगों को मिली शरण

ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क के अनुसार कुल सात लोगों को शरण दी गई थी, हालांकि उनमें से एक खिलाड़ी बाद में अपने देश लौट गई। इस घटना के बाद ईरान फुटबॉल संघ ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

विश्व कप से हटने पर कौन ले सकता है जगह

यदि ईरान वास्तव में टूर्नामेंट से हट जाता है तो फीफा को उसकी जगह किसी अन्य टीम को मौका देना पड़ सकता है। नियमों के अनुसार यह जरूरी नहीं है कि नई टीम उसी महाद्वीपीय संघ से हो, लेकिन सबसे अधिक संभावना एशियाई फुटबॉल परिसंघ की किसी टीम की मानी जा रही है।

इराक और यूएई संभावित विकल्प

संभावित विकल्पों में इराक और संयुक्त अरब अमीरात के नाम सामने आ रहे हैं। इराक इस महीने होने वाले प्लेऑफ के जरिए खुद भी क्वालीफाई कर सकता है, जबकि यूएई प्लेऑफ में जगह बनाने से चूक गया था।

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अंतिम फैसला अभी बाकी

विशेषज्ञों का मानना है कि अभी अंतिम फैसला होने में समय लग सकता है। ईरान फुटबॉल फेडरेशन ही अंतिम निर्णय लेगा और फीफा फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आने वाले हफ्तों में क्षेत्रीय संघर्ष और राजनीतिक परिस्थितियाँ इस फैसले को प्रभावित कर सकती हैं।

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