कोलंबो। T20 World Cup 2026 में आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए ग्रुप B के आखिरी मुकाबले में जिम्बाब्वे ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर बड़ा उलटफेर किया। इस जीत के साथ जिम्बाब्वे न सिर्फ ग्रुप में टॉप पर रहा, बल्कि सुपर-8 चरण में धमाकेदार अंदाज में प्रवेश भी किया। मैच के दौरान दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने दबाव में बेहतरीन संयम दिखाते हुए जीत अपने नाम की।
श्रीलंका की मजबूत शुरुआत, निसांका का अर्धशतक
टॉस जीतकर श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी चुनी और टीम की शुरुआत शानदार रही। पथुम निसांका ने 41 गेंदों पर 62 रन की पारी खेली, जिसमें 8 चौके शामिल थे। उन्होंने शुरू से ही जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबदबा बनाए रखा।
मध्य ओवरों में पवन रत्नायके ने 25 गेंदों पर तेज 44 रन जोड़े, जिससे श्रीलंका का स्कोर अंतिम ओवरों में गति पकड़ता दिखा।
निचले क्रम से दुनिथ वेल्लालागे ने भी तेज रन जोड़कर टीम को 20 ओवर में 178/7 तक पहुंचाया। जिम्बाब्वे की ओर से ग्रेम क्रेमर (2/27), ब्रैड इवांस (2/35) और ब्लेसिंग मुजाराबानी (2/38) ने दो-दो विकेट लेते हुए श्रीलंका को बड़े स्कोर तक नहीं जाने दिया।
जिम्बाब्वे की दमदार वापसी बेनेट और रजा का जलवा
179 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरे जिम्बाब्वे की शुरुआत नियंत्रित रही। टीम ने शुरुआती तीन ओवर में 20 रन बनाए, लेकिन इसके बाद ओपनर्स ने पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। ब्रायन बेनेट ने एक छोर संभालते हुए धैर्य और क्रिकेटिंग समझ का बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 63 रनों की नाबाद पारी खेली और अंत तक टिके रहकर टीम को जीत दिलाई।
मिडल ऑर्डर में रायन बर्ल ने छोटी लेकिन महत्वपूर्ण उपयोगी पारी खेलकर टीम का रनरेट बनाए रखा। इसके बाद कप्तान Sikandar Raza ने आते ही मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने 26 गेंदों में 45 रन की पारी खेली और बेनेट के साथ 69 रनों की साझेदारी कर श्रीलंका को बैकफुट पर धकेल दिया।
अंतिम ओवरों में, जब मैच थोड़ा रोमांचक हो चला था, टोनी मुनयोंगा ने आखिरी ओवर की पहली गेंद पर शानदार छक्का जड़कर दबाव कम किया और फिर बाकी रन आसानी से पूरे करते हुए टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। जिम्बाब्वे ने 19.3 ओवर में 182/4 रन बनाकर मैच 6 विकेट से जीत लिया। यह T20I में उनका दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज है।
श्रीलंका की गेंदबाजी लड़खड़ाई
दबाव में श्रीलंका की गेंदबाजी बिखरी हुई नजर आई। कप्तान दासुन शनाका, दुशन हेमंथा और दुनिथ वेल्लालागे ने एक-एक विकेट जरूर लिया, लेकिन लगातार ढीली गेंदें फेंकने और मिसफील्डिंग ने टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं। श्रीलंका इस मैच में 178 का मजबूत स्कोर बचा नहीं सका।
कप्तानों की प्रतिक्रिया
मैच के बाद जिम्बाब्वे के कप्तान रजा ने कहा कि टीम ने भरोसे से खेला और दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने खिलाड़ियों की भूमिका स्पष्ट रखने को जीत का मुख्य कारण बताया। वहीं श्रीलंका के कप्तान दासुन शनाका ने कहा कि बल्लेबाजी अच्छी रही, लेकिन गेंदबाजी और फील्डिंग बेहतर हो सकती थी।
उन्होंने कहा कि टीम सुपर-8 में नए अंदाज के साथ वापसी करेगी। आगे का सफर दोनों टीमें सुपर-8 में दोनों टीमें सुपर-8 में पहुंच चुकी हैं, लेकिन जिम्बाब्वे की यह जीत अन्य टीमों के लिए एक चेतावनी है कि वे इस बार टूर्नामेंट में सिर्फ जगह बनाने नहीं, बल्कि मुकाबला जीतने के इरादे से उतरी है।

