नई दिल्ली।
देश के कई हिस्सों में लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव के खतरे के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक गर्मी केवल असहजता ही नहीं बल्कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी पैदा कर सकती है, जिनमें डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन और जानलेवा हीट स्ट्रोक शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर इन खतरों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
क्यों खतरनाक है हीटवेव?
जब शरीर लंबे समय तक ज्यादा तापमान के संपर्क में रहता है, तो वह अपने तापमान को नियंत्रित करने में असमर्थ हो जाता है। इससे शरीर में पानी की कमी, थकान, चक्कर और गंभीर मामलों में हीट स्ट्रोक हो सकता है, जो एक मेडिकल इमरजेंसी है।
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डॉक्टर के बताए 6 Do’s और Don’ts
प्यास न लगे तब भी पानी पिएं
गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है। नियमित रूप से पानी पिएं, भले ही प्यास न लगे।
ORS, नारियल पानी और ताजे फलों का जूस शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखते हैं।
Don’t: शराब, कैफीन और ज्यादा शक्कर वाले ड्रिंक से बचें।
दोपहर की तेज धूप से बचें
सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें।
अगर बाहर जाना जरूरी हो तो हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और टोपी, छाता या सनग्लास का इस्तेमाल करें।
घर और आसपास का वातावरण ठंडा रखें
घर के अंदर ठंडक बनाए रखना जरूरी है। पंखा, कूलर या AC का इस्तेमाल करें।
ठंडे पानी से नहाना या गीले कपड़े से शरीर को ठंडा करना भी राहत देता है।
इन लोगों को रखें खास ध्यान
बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग हीटवेव में ज्यादा संवेदनशील होते हैं।
उन्हें धूप से बचाकर रखें और कभी भी बच्चों या पालतू जानवरों को बंद गाड़ी में न छोड़ें।
हल्का और ठंडक देने वाला खाना खाएं
गर्मी में भारी और तैलीय भोजन से बचें।
तरबूज, खीरा, संतरा जैसे पानी से भरपूर फल और सब्जियां ज्यादा खाएं।
लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अत्यधिक पसीना आना, चक्कर, उल्टी, थकान या भ्रम जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
अगर हालत बिगड़ती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डॉक्टर की सलाह
गुरुग्राम के न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. भूपेश कुमार मनसुखानी के अनुसार, हीटवेव को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। सही समय पर सावधानी बरतने और शरीर के संकेतों को समझने से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
सावधानी ही बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और समय पर उठाए गए छोटे-छोटे कदम ही इस भीषण गर्मी से बचाव का सबसे बड़ा तरीका हैं।
तेजी से बढ़ते तापमान के बीच खुद को हाइड्रेट रखना, धूप से बचना और संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है, ताकि आप और आपका परिवार सुरक्षित रह सके।



