नई दिल्ली।
2026 आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप शुरू होने में अब मात्र कुछ हफ़्ते बचे हैं, लेकिन एक बड़ा विवाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के केंद्र में आ चुका है। अमेरिका की तेज़ गेंदबाज़ी इकाई का अहम हिस्सा अली खान का भारत के लिए वीज़ा अस्वीकार कर दिया गया है, जिससे उनके और उनकी टीम के विश्व कप अभियान को बड़ा झटका लगा है।
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अमेरिकी क्रिकेट टीम में शामिल 35 वर्षीय अली खान, जिनका जन्म पाकिस्तान के पंजाब में हुआ था, ने सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि उनका भारत के लिए टी20 विश्व कप में हिस्सा लेने वाला वीज़ा अर्जी अस्वीकृत कर दी गई है। उन्होंने खुद इंस्टाग्राम स्टोरी में एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा: “India visa denied but KFC for the win.”
क्या है पूरा मामला
अली खान के वीज़ा के अस्वीकृत होने की खबर के साथ ही यह स्पष्ट हुआ कि उनके साथ तीन अन्य पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों शया जहमगीर, मोहम्मद मोसिन और एहसान अदील के भी वीज़ा को मंज़ूरी नहीं मिल पाई है। इन सभी को अमेरिका के 20 सदस्यीय स्क्वाड में टी20 विश्व कप 2026 के लिए नामित किया गया था।
हालांकि अली खान ने कहा है कि टीम के अन्य सदस्यों को वीज़ा मिलेगा या नहीं, इस पर फैसला आगे भी देखा जाना है। उनकी इंस्टाग्राम स्टोरी और वीडियो संदेश ने इंटरनेट पर इस मुद्दे को व्यापक रूप से सुर्ख़ियों में ला दिया है, जहां सोशल मीडिया पर इसके राजनीतिक और सुरक्षा आयामों पर चर्चा तेज़ है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड और टीम का रिएक्शन
अमेरिका क्रिकेट टीम के अधिकारियों ने आधिकारिक बयान में कहा है कि यह समस्या दस्तावेज़ों और पासपोर्ट से जुड़ी तकनीकी कारणों से उत्पन्न हुई है और वे मामला सुलझाने के लिए संबंधित भारतीय अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि अमेरिकी अधिकारियों ने किन तकनीकी या प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या विश्व कप सीज़न के इतने नज़दीक इस मामले को सुलझाया जा सकता है या नहीं। यदि अस्थिरता जारी रहती है, तो अमेरिका टीम को बिना अपने मुख्य पेसर अली खान के मैच खेलने पड़ सकते हैं, जो टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर बड़ा असर डाल सकता है।
जाने कौन है अली खान
अली खान पाकिस्तान के पंजाब में जन्मे हैं, लेकिन वह क्रिकेट में अपना करियर यूएसए के लिए खेलते हैं। उन्होंने अपनी तेज़ और विविध बल्लेबाज़ी विरोधी टीमों की मजबूती भेदने की क्षमता के लिए पहचान बनाई है। उनका खेल विश्व स्तरीय टी20 लीगों में भी चर्चा का विषय रहा है और वह पावरप्लेबॉल से लेकर डेथ ओवरों तक गेंदबाज़ी में क्षमता रखते हैं।
उन्होंने अपने करियर के दौरान कई प्रमुख T20 लीगों में खेला है और अमेरिका के लिए भी अहम मैचों में प्रदर्शन किया है। ऐसे में विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले वीज़ा विवाद उनके करियर के लिए भी न केवल चिंता का विषय है, बल्कि टीम USA के लिए भी बड़ा झटका है।
क्या यह सुरक्षा या कूटनीति का मामला है
क्रिकेट विशेषज्ञ और प्रशंसक इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या भारत के वीज़ा निर्णय में राजनीतिक या सुरक्षा से जुड़ा कोई तत्व है। कुछ लोगों का मानना है कि पाकिस्तान मूल के खिलाड़ियों से जुड़े नियमों और सुरक्षा चिंताओं के कारण प्रशासन ने यह कदम उठाया है। वहीं आलोचकों का कहना है कि खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए और यह मामला तकनीकी गलती लग रहा है।
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भारत और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक राजनीतिक गतिरोध को देखते हुए यह मसला और भी संवेदनशील माना जा रहा है, खासकर जब पैसिफ़िक और एशियाई क्रिकेटिंग समुदाय इस विश्व कप का आयोजन साझा करने वाले हैं।
टी20 विश्व कप 2026 पर प्रभाव
विश्व कप 2026 का आयोजन संयुक्त रूप से भारत, श्रीलंका और नेपाल में होना है, और यह टूर्नामेंट टी20 क्रिकेट के सबसे बड़े मंचों में से एक माना जाता है। ऐसे में USA टीम की स्थिति और उनके खिलाड़ियों को वीज़ा मिलना या न मिलना, यह कुल मिलाकर खेल और राजनयिक नीति के बीच की सीमा पर सवाल उठाता है।
अगर अली खान और उनके साथियों को जैसे-तैसे वीज़ा मिल भी जाता है, तो उनके टूर्नामेंट तक पहुँचने की समय-सीमा काफी टाइट हो जाएगी। अगर नहीं मिलता है, तो इससे USA टीम को बड़ा नुकसान हो सकता है क्योंकि वे अपने अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ों में से एक को खो देंगे जो पावरप्ले और अंतिम ओवरों में क्लच प्रदर्शन देने की क्षमता रखते हैं।
खेल पटल पर प्रतिक्रिया
क्रिकेट प्रशंसक वर्ग ने इस फैसले पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ का मानना है कि सुरक्षा नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन होना चाहिए, वहीं कई लोग इसे खेल के मूल तत्व के खिलाफ मानते हैं। सोशल मीडिया पर #AliKhanVisaDenied और #T20WorldCup जैसे हैशटैग के साथ इस मुद्दे पर बहस चल रही है।
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अन्य क्रिकेट जर्नलिस्ट और विश्लेषक कह रहे हैं कि यह मामला केवल एक प्रशासनिक बाधा की तरह लगता है, जो खेल के फैसले पर प्रतिबिंबित नहीं होना चाहिए। उन्हें उम्मीद है कि दोनों देशों के प्रशासनिक विभाग जल्द ही इस मामले को सुलझा लेंगे ताकि क्रिकेट अपना मूल उद्देश्य प्रतिस्पर्धा और खेल भावना बनाए रख सके



