कोलकाता। West Indies vs Italy मुकाबला कोलकाता के ऐतिहासिक Eden Gardens में खेला गया, जहां कैरेबियाई टीम ने एक दशक पहले भी बड़ा खिताब जीता था। अब जब सुपर-8 चरण नजदीक है, टीम अपनी लय में लौटती हुई दिखाई दे रही है। West Indies cricket team ने गुरुवार को खेले गए अपने अंतिम ग्रुप-C मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए Italy पर 42 रन की जीत दर्ज की और लीग स्टेज को चार में चार जीत के साथ समाप्त किया।
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Hope की पारी ने संभाली WV की नींव
मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए विंडीज ने 165/6 का स्कोर खड़ा किया, जो शुरुआत में थोड़ा कम लगा, लेकिन परिस्थितियों और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन ने स्कोर को निर्णायक साबित किया। कप्तान शाई होप ने 75 रन की बेहतरीन पारी खेली और पारी को स्थिरता दी। उनके अलावा मध्यक्रम में शिमरन हेटमायर और शेरफेन रदरफोर्ड ने अहम योगदान दिया। रदरफोर्ड का इंग्लैंड के खिलाफ 76 रन की यादगार पारी पहले से ही चर्चा में है और उन्होंने इस मैच में भी फिनिशिंग क्षमता दिखाई।
गेंदबाजों ने फिर दिखाया दम
विंडीज के गेंदबाज़ों ने पूरे टूर्नामेंट में संतुलित गेंदबाजों की है और इस मैच में भी वही देखने को मिला। मैथ्यू फोर्ड ने 3 विकेट लेकर इटली की बल्लेबाजी पर दबाव बनाया। दूसरी ओर, शमार जोसेफ ने बेहतरीन स्पैल डालते हुए 4 विकेट चटकाए और मैच में चार कैच भी पकड़े जो अपने-आप में एक दुर्लभ उपलब्धि है। रॉस्टन चेस और गुडकैश मोती ने मिडिल ओवर्स में कंट्रोल बनाए रखा और इटली को कभी भी लय में आने नहीं दिया।
टीम के पास अब सुपर-8 में मजबूत विरोधियों से भिड़ने की चुनौती होगी, जिनमें Zimbabwe national cricket team, South Africa national cricket team और India national cricket team शामिल हैं। अगला मुकाबला सोमवार 23 फरवरी को मुंबई के Wankhede Stadium में खेला जाएगा।
इटली का अभियान: हिम्मत, संघर्ष और सीख
टूर्नामेंट में पहली बार खेलने आई Italy national cricket team भले ही सुपर-8 में जगह न बना सकी हो, लेकिन टीम ने शानदार जज्बा दिखाया। टॉप ऑर्डर में मोस्का ब्रदर्स ने बेहतरीन साझेदारी कर इतिहास रचा, जो टी20 वर्ल्ड कप में किसी भी भाई-जोड़ी की सबसे बड़ी साझेदारी बनी। बेन मैनेंटी पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में रहे और कप्तान हैरी मैनेंटी ने वेन मैडसन की अनुपस्थिति में टीम का नेतृत्व बखूबी किया।
इटली ने नेपाल को हराकर अपना पहला वर्ल्ड कप मैच जीता और इंग्लैंड के खिलाफ भी जोरदार चुनौती पेश की। कई मौकों पर वे मजबूत टीमों को टक्कर देते दिखे, लेकिन फिनिशिंग की कमी और अनुभव की कमी के कारण जीत तक नहीं पहुंच पाए।
मैच में क्या हुआ
166 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इटली टीम कभी भी गति पकड़ नहीं सकी। शुरुआती विकेटों के गिरने के बाद टीम लगातार दबाव में रही। सर्वोच्च साझेदारी केवल 25 रन की रही। मध्य क्रम ने संघर्ष किया, लेकिन शमार जोसेफ और फोर्ड के सामने टिक नहीं सके। अंततः इटली 18वें ओवर में 123 रन पर ऑल आउट हो गई।
कैप्टनों की राय
इटली के कप्तान हैरी मैनेंटी ने मैच के बाद कहा कि उनकी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में दिल से खेला और उन्हें सिर्फ लगातार खेल और बेहतर संसाधनों की जरूरत है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से एसोसिएट नेशंस को और समर्थन देने की अपील की।
वहीं विंडीज कप्तान शाई होप ने कहा कि सुपर-8 जैसे कठिन चरण में टीम को ‘रूथलेस’ होने की जरूरत है। उन्होंने अपनी गेंदबाजी इकाई की तारीफ करते हुए कहा कि वे सही समय पर टॉप फॉर्म में आ रहे हैं।



