तिराना/नई दिल्ली।
यूरोप के बाल्कन क्षेत्र में स्थित अल्बानिया (Albania) इन दिनों अंतरराष्ट्रीय मंच पर तेजी से चर्चा में है। भले ही यह देश भौगोलिक रूप से छोटा हो, लेकिन इसका इतिहास, रणनीतिक स्थिति और वर्तमान विकास इसे खास बनाते हैं। प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और यूरोपीय संघ की ओर बढ़ते कदमों के कारण अल्बानिया को अब एक उभरते हुए यूरोपीय देश के रूप में देखा जा रहा है।
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अल्बानिया का भौगोलिक और राजनीतिक परिचय
अल्बानिया दक्षिण-पूर्वी यूरोप में स्थित है। इसके पश्चिम में एड्रियाटिक सागर और आयोनियन सागर हैं, जबकि इसकी सीमाएं मोंटेनेग्रो, कोसोवो, उत्तरी मैसेडोनिया और ग्रीस से लगती हैं।
अल्बानिया की राजधानी तिराना है, जो देश का सबसे बड़ा शहर और आर्थिक केंद्र भी है।
राजनीतिक रूप से अल्बानिया एक लोकतांत्रिक गणराज्य है। यहां बहुदलीय प्रणाली लागू है और राष्ट्रपति देश का संवैधानिक प्रमुख होता है, जबकि प्रधानमंत्री सरकार का मुखिया होता है।
इतिहास: संघर्ष से आधुनिकता तक
अल्बानिया का इतिहास काफी संघर्षपूर्ण रहा है। यह क्षेत्र कभी रोमन साम्राज्य का हिस्सा था, इसके बाद लंबे समय तक ओटोमन साम्राज्य के अधीन रहा।
20वीं सदी में अल्बानिया ने कम्युनिस्ट शासन का दौर देखा, जो करीब चार दशक तक चला। इस दौरान देश बाहरी दुनिया से लगभग कट गया था।
1990 के बाद अल्बानिया ने लोकतांत्रिक व्यवस्था अपनाई और धीरे-धीरे वैश्विक समुदाय से जुड़ना शुरू किया। यही दौर देश के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक बदलाव का आधार बना।
अर्थव्यवस्था और विकास
आज अल्बानिया की अर्थव्यवस्था विकास के रास्ते पर है। कृषि, ऊर्जा, निर्माण और पर्यटन इसके प्रमुख आर्थिक क्षेत्र हैं।
विशेष रूप से पर्यटन अल्बानिया के लिए गेम चेंजर साबित हो रहा है। खूबसूरत समुद्र तट, पहाड़, ऐतिहासिक किले और कम खर्च में यूरोपीय अनुभव के कारण बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।
सरकार विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस फ्रेंडली नीतियों पर जोर दे रही है।
यूरोपीय संघ और नाटो से संबंध
अल्बानिया वर्ष 2009 में NATO (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन) का सदस्य बन चुका है, जो इसकी सुरक्षा और वैश्विक स्थिति को मजबूत करता है।
वहीं, अल्बानिया यूरोपीय संघ (EU) की सदस्यता के लिए भी लगातार प्रयास कर रहा है। प्रशासनिकसुधार, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और न्यायिक सुधार इस दिशा में किए जा रहे प्रमुख कदम हैं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में अल्बानिया की EU में एंट्री उसके आर्थिक और राजनीतिक भविष्य को नई दिशा दे सकती है।
संस्कृति और समाज
अल्बानिया की संस्कृति में यूरोपीय और ओटोमन प्रभाव साफ नजर आता है। यहां की भाषा अल्बानियन है, जो यूरोप की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक मानी जाती है।
धार्मिक रूप से यह देश विविधता से भरा है, जहां मुस्लिम, ईसाई और अन्य समुदाय आपसी सौहार्द के साथ रहते हैं।
अल्बानिया की लोक संगीत, नृत्य और पारंपरिक भोजन भी पर्यटकों को काफी आकर्षित करते हैं।
भारत और अल्बानिया के संबंध
भारत और अल्बानिया के बीच कूटनीतिक संबंध धीरे-धीरे मजबूत हो रहे हैं। दोनों देश व्यापार, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।
वैश्विक मंचों पर दोनों देश शांति, विकास और बहुपक्षीय सहयोग का समर्थन करते हैं।
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कुल मिलाकर, अल्बानिया एक ऐसा देश है जो अपने कठिन अतीत से निकलकर विकास और वैश्विक सहयोग की राह पर आगे बढ़ रहा है। पर्यटन, आर्थिक सुधार और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के चलते अल्बानिया आने वाले समय में यूरोप के उभरते देशों में एक महत्वपूर्ण स्थान बना सकता है।



