नई दिल्ली:
मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को देशभर के सार्वजनिक क्षेत्र (PSBs) के बैंक शाखाओं में व्यापक बैंक हड़ताल का असर देखा गया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने यह हड़ताल पूरे भारत में आयोजित की, जिससे सरकारी बैंकों के कामकाज में भारी व्यवधान आया है।
ये हड़ताल केवल एक संकेतात्मक आंदोलन नहीं है, बल्कि बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की लंबी चली आ रही मांगों का परिणाम है, जो अब सीधे तौर पर सरकार और बैंक प्रबंधन तक पहुंच चुकी हैं।
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हड़ताल का मुख्य कारण: पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग
बैंक यूनियनों की सबसे बड़ी मांग है कि बैंकों में पूर्ण रूप से पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाए। इस समय सार्वजनिक बैंक सामान्य रूप से साप्ताहिक रूप से छह दिन (यानी सोमवार से शनिवार तक) खुले रहते हैं, जिसमें केवल कुछ निश्चित शनिवारों पर छुट्टी रहती है।
बैंक यूनियन का कहना है कि 2024 में भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ हुई वेज समझौता वार्ता में सभी शनिवार को छुट्टी देने का सिद्धांतगत समझौता पहले ही हो चुका था, लेकिन सरकार या प्राधिकरणों द्वारा इसे औपचारिक रूप से लागू नहीं किया गया है। इसलिए कर्मचारियों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया है।
यूनियनों का दावा है कि पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू होने से कर्मचारियों के कार्य-जीवन संतुलन में सुधार आएगा और वेतन तथा स्वास्थ्य-सुरक्षा-परिवार के समय में भी सुधार होगा।
कौन कर रहा है हड़ताल?
यह राष्ट्रव्यापी हड़ताल UFBU (United Forum of Bank Unions) के तहत है, जिसमें नौ प्रमुख बैंक कर्मचारी संघ शामिल हैं। इनमें से प्रमुख हैं:
- All India Bank Employees Association (AIBEA)
- All India Bank Officers’ Confederation (AIBOC)
- National Confederation of Bank Employees (NCBE)
- All India Bank Officers’ Association (AIBOA) आदि।
ये संगठन बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं और लंबे समय से विभिन्न मांगों को लेकर चर्चा कर रहे हैं।
हड़ताल का असर: बैंक सेवाओं में व्यवधान
आज की हड़ताल का असर मुख्यतः सरकारी बैंकों पर पड़ा है जैसे:
Bank of India
(Others सहित कई PSU बैंक शाखाएं प्रभावित)
इन बैंकों में आज कैश डिपॉजिट/वितरण, चेक क्लीयरेंस, पासबुक अपडेट और अन्य काउंटर-बेस्ड सेवाएं रुक गयीं। इसका सीधा असर ग्राहकों को बैंक शाखाओं में होने वाले लेन-देनों तथा रोज़मर्रा की सेवाओं में दिखा।
हालाँकि डिजिटल बैंकिंग चैनल जैसे UPI, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं (ऑनलाइन) सामान्य रूप से चलने की संभावना है, लेकिन कुछ इलाकों में ATM में कैश की उपलब्धता सीमित रह सकती है क्योंकि शाखा-स्टाफ कम है।
ग्राहक और आम जनता के लिए सलाह
बैंक STRIKE के कारण:
यदि आपके पास ज्यादा जरूरी बैंकिंग कार्य हैं — जैसे नकद निकासी, चेक क्लीयरेंस, दस्तावेज़ जमा करना आदि तो आपको इसे पहले से ही पूरा कर लेना चाहिए था।
- ऑनलाइन और मोबाइल बैंकिंग का उपयोग करना आज सबसे सुरक्षित विकल्प रहेगा।
- यदि ATM जा रहे हैं, तो निकासी से पहले पास-पास ATM का बैलेंस चेक कर लें।
- किसी दीर्घकालिक वित्तीय कार्य के लिए बैंक खुलने पर ही योजना बनाएं।
सरकार और यूनियनों के बीच वार्ता का हाल
बैंक यूनियनों ने IBA और केंद्र सरकार के साथ कई दौर की बैठकें कीं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। UFBU ने IBA की मांग को ठुकराते हुए कहा कि यदि सभी शनिवार छुट्टी का औपचारिक घोषणा नहीं किया जाता, तो हड़ताल तय रूप से होगी — और आज वह हड़ताल हो रही है।
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सरकार और IBA की ओर से कहा गया है कि वे बैंकिंग सेवाओं की सुचारू रूप से जारी रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं, परंतु कर्मचारियों की मांगों पर कोई अंतिम घोषणा अभी तक नहीं हुई है।
वर्तमान में यूनियनों ने चेतावनी दी है कि सरकार के साथ बातचीत विफल रहने पर और बड़े आंदोलन की संभावनाएं बनी हैं। यदि मांगों को लेकर सकारात्मक प्रगति नहीं होती, तो आगे और भी लंबी हड़तालें या आंदोलन हो सकते हैं।
आज का बैंक STRIKE 27 जनवरी 2026
सार्वजनिक बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ा सामाजिक-आर्थिक इवेंट है, जिसका सीधा असर आम जनता और वित्तीय लेन-देनों पर पड़ा है। कर्मचारियों की मांगें केंद्र सरकार के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती हैं, और इसका निष्कर्ष आने वाले दिनों में तय होगा।

