Saturday, February 21, 2026

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CBSE बोर्ड परीक्षा 2026: कक्षा 12 फिजिक्स पेपर रहा आसान से मध्यम, शिक्षकों ने बताया संतुलित और कॉन्सेप्ट आधारित

Central Board of Secondary Education (CBSE) ने बोर्ड परीक्षाओं 2026 के चौथे दिन आज कक्षा 10 और कक्षा 12 की महत्वपूर्ण परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित कीं। कक्षा 10 के ब्यूटी एंड वेलनेस, मार्केटिंग एंड सेल्स, मल्टीमीडिया, मल्टी-स्किल फाउंडेशन कोर्स, फिजिकल एक्टिविटी ट्रेनर और डेटा साइंस जैसे विषयों की परीक्षा दोपहर 12:30 बजे समाप्त हुई, जबकि कक्षा 12 की बहुप्रतीक्षित फिजिक्स परीक्षा दोपहर 1:30 बजे संपन्न हुई। फिजिक्स को आमतौर पर सबसे चुनौतीपूर्ण और अवधारणात्मक विषयों में गिना जाता है, ऐसे में छात्रों के बीच इसे लेकर विशेष उत्सुकता और हल्का तनाव भी देखने को मिला।

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फिजिक्स पेपर रहा संतुलित और अवधारणात्मक

परीक्षा के बाद शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों ने प्रश्नपत्र को “आसान से मध्यम” स्तर का बताया। उनके अनुसार पेपर संतुलित था, जिसमें सिलेबस के सभी प्रमुख हिस्सों को शामिल किया गया था। प्रश्नपत्र ने केवल रटने की क्षमता नहीं, बल्कि छात्रों की अवधारणात्मक समझ, विश्लेषणात्मक कौशल और अनुप्रयोग क्षमता को भी परखा।

पुणे स्थित संस्कृति ग्रुप ऑफ स्कूल्स के ट्रस्टी और शिक्षा विशेषज्ञ प्रवीण मुंगली ने बताया कि प्रश्नपत्र में अधिकतर सवाल एनसीईआरटी आधारित थे। उन्होंने कहा कि “पेपर मध्यम स्तर का था। जो छात्र पाठ्यपुस्तकों और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों की अच्छी तैयारी करके आए थे, उनके लिए यह प्रबंधनीय रहा।”

इसी तरह ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल के विषय विशेषज्ञ निशांत कुमार सिंह ने भी पेपर को “मध्यम से थोड़ा चुनौतीपूर्ण” बताया। उनके अनुसार प्रश्नपत्र में अवधारणात्मक प्रश्नों और संख्यात्मक समस्याओं का संतुलित मिश्रण था। इलेक्ट्रोडायनेमिक्स, ऑप्टिक्स और मॉडर्न फिजिक्स जैसे प्रमुख अध्यायों से संतुलित प्रश्न पूछे गए।

सेक्शन-वाइज विश्लेषण

सेक्शन A (MCQs):
पहले 18 बहुविकल्पीय प्रश्न सीधे और कॉन्सेप्ट आधारित थे। कई प्रश्न सूत्रों के सीधे प्रयोग पर आधारित थे, जिन्हें अच्छी तैयारी वाले छात्र तेजी से हल कर सके। हालांकि कुछ प्रश्नों में बहु-चरणीय सोच की आवश्यकता थी।

सेक्शन B और C (लघु उत्तरीय प्रश्न):
इन सेक्शनों में संक्षिप्त लेकिन सटीक उत्तर की अपेक्षा की गई। फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव, यंग के डबल-स्लिट प्रयोग, प्रिज्म, ड्रिफ्ट वेलोसिटी और टॉर्क जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे गए। कुछ प्रश्नों ने छात्रों की गहरी अवधारणात्मक समझ की परीक्षा ली।

सेक्शन D (केस स्टडी):
कैपेसिटर और गतिमान आवेशों पर आधारित केस स्टडी प्रश्न नवीन और व्यावहारिक थे। शुरुआती भाग सरल थे, लेकिन अंतिम हिस्सों में समेकित समझ और समय प्रबंधन की आवश्यकता पड़ी।

सेक्शन E (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न):
5 अंकों के प्रश्नों में आंतरिक विकल्प दिए गए थे। ऑप्टिक्स, इलेक्ट्रोस्टैटिक्स, एसी सर्किट और मॉडर्न फिजिक्स पर आधारित प्रश्नों ने छात्रों की विश्लेषण क्षमता और संख्यात्मक दक्षता को परखा।

परीक्षा में शामिल हुए 43 लाख से अधिक छात्र

इस वर्ष 17 फरवरी से शुरू हुई बोर्ड परीक्षाओं में कुल 43 लाख से अधिक छात्र शामिल हो रहे हैं। इनमें लगभग 25 लाख छात्र कक्षा 10 के और 18.5 लाख छात्र कक्षा 12 के हैं। कक्षा 10 की परीक्षाएं 8,074 केंद्रों पर और कक्षा 12 की परीक्षाएं 7,574 केंद्रों पर आयोजित की जा रही हैं।

कक्षा 10 के कुल 25 लाख परीक्षार्थियों में लगभग 14 लाख लड़के और 10.9 लाख लड़कियां शामिल हैं। वहीं कक्षा 12 में लगभग 10.2 लाख लड़के और 8.3 लाख लड़कियां परीक्षा दे रहे हैं। कक्षा 10 में इस वर्ष 83 विषयों और कक्षा 12 में 120 विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं।

अब तक कक्षा 10 की गणित (बेसिक और स्टैंडर्ड) तथा होम साइंस की परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं। कक्षा 12 में बायोटेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप, फिजिकल एजुकेशन, इंजीनियरिंग ग्राफिक्स, भारतीय शास्त्रीय नृत्य और अन्य विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं।

परीक्षा समय और दिशा-निर्देश

सीबीएसई ने छात्रों को परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचने की सलाह दी है। ट्रैफिक की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुबह 10 बजे के बाद प्रवेश बंद कर दिया जाता है। सभी परीक्षाएं एक ही शिफ्ट में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित की जा रही हैं।

कक्षा 10 की परीक्षाएं 10 मार्च को समाप्त होंगी, जबकि कक्षा 12 की परीक्षाएं 10 अप्रैल तक चलेंगी।

2026 से दूसरी बोर्ड परीक्षा पर स्पष्टीकरण

सीबीएसई ने 2026 से कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा के लिए दूसरी परीक्षा से संबंधित दिशा-निर्देश भी स्पष्ट किए हैं। सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा। उत्तीर्ण छात्र अधिकतम तीन विषयों—जैसे विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाएं—में अंक सुधार के लिए दूसरी परीक्षा दे सकते हैं।

यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में अनुपस्थित रहता है, तो उसे “एसेंशियल रिपीट” श्रेणी में रखा जाएगा और वह अगले वर्ष मुख्य परीक्षा में ही शामिल हो सकेगा। “कंपार्टमेंट” परिणाम पाने वाले छात्र दूसरी परीक्षा में कंपार्टमेंट श्रेणी के अंतर्गत बैठ सकेंगे। साथ ही, कक्षा 10 उत्तीर्ण करने के बाद अतिरिक्त विषय के रूप में अलग से परीक्षा देने की अनुमति नहीं होगी।

कुल मिलाकर, परीक्षा का चौथा दिन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष का प्रश्नपत्र पैटर्न छात्रों की वास्तविक समझ और तैयारी को परखने में सफल रहा है।

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