नई दिल्ली। आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म Dhurandhar: The Revenge सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। यह फिल्म अपने पहले भाग की कहानी को आगे बढ़ाते हुए और भी बड़े पैमाने पर एक्शन, हिंसा और देशभक्ति का तड़का लगाने की कोशिश करती है। हालांकि, इस बार फिल्म का स्केल बड़ा जरूर है, लेकिन कहानी और संतुलन कहीं कमजोर पड़ता नजर आता है।
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कहानी वहीं से शुरू, लेकिन ज्यादा जटिल
फिल्म की कहानी पहले भाग के क्लाइमेक्स के बाद शुरू होती है, जहां जस्किरत सिंह रंगी उर्फ हमजा अली मजारि (रणवीर सिंह) पाकिस्तान के कराची अंडरवर्ल्ड में अपनी पकड़ मजबूत करता है। गैंगवार, आतंकवाद, राजनीतिक साजिश और बदले की भावना से भरी यह कहानी धीरे-धीरे एक व्यक्तिगत मिशन में बदल जाती है।
फिल्म में आर माधवन, संजय दत्त और अर्जुन रामपाल जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं, जो कहानी को और गहराई देने की कोशिश करते हैं।
रणवीर सिंह की दमदार परफॉर्मेंस
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत रणवीर सिंह की एक्टिंग है। उन्होंने अपने किरदार में भावनात्मक गहराई, गुस्सा और आक्रामकता को बेहतरीन तरीके से पेश किया है। लगभग चार घंटे लंबी इस फिल्म को वह अपने कंधों पर संभालते नजर आते हैं। कई सीन में उनकी परफॉर्मेंस दर्शकों को बांधे रखती है।
एक्शन ज्यादा, कहानी कम
फिल्म में एक्शन और हिंसा का स्तर काफी ज्यादा है। हर सीन को बड़ा और प्रभावशाली बनाने की कोशिश में निर्देशक कहानी के मूल तत्वों को पीछे छोड़ देते हैं। फिल्म कई बार एक लंबी वेब सीरीज जैसी लगती है, जिसमें जरूरत से ज्यादा खींचे गए सीन कहानी की गति को धीमा कर देते हैं।
राजनीतिक रंग और विवाद
फिल्म में देशभक्ति और राजनीतिक विचारधारा का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है। कई सीन ऐसे हैं, जो मौजूदा राजनीतिक माहौल और नीतियों को दर्शाते हैं। फिल्म में भारत-पाकिस्तान संबंधों को काफी सरल और एकतरफा तरीके से पेश किया गया है, जिससे यह एक प्रोपेगेंडा फिल्म जैसी भी लग सकती है।
सहायक कलाकारों का प्रदर्शन
अर्जुन रामपाल का किरदार मजबूत है, लेकिन पहले भाग में अक्षय खन्ना के मुकाबले उनका प्रभाव कम नजर आता है। संजय दत्त अपने अंदाज में दमदार दिखते हैं, जबकि सारा अर्जुन ने भावनात्मक पहलू को संभालने की कोशिश की है। वहीं, राकेश बेदी कुछ हल्के-फुल्के पलों के जरिए राहत देते हैं।
संगीत और तकनीकी पक्ष
फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर कुछ जगहों पर प्रभावी है, लेकिन कुल मिलाकर संगीत पहले भाग जैसा असर नहीं छोड़ पाता। पुराने गानों का इस्तेमाल मनोरंजक जरूर है, लेकिन कई बार जबरदस्ती जोड़ा हुआ लगता है।
लंबाई बनी सबसे बड़ी कमजोरी
करीब 229 मिनट (लगभग 4 घंटे) की यह फिल्म दर्शकों के धैर्य की परीक्षा लेती है। इतनी लंबी अवधि में कहानी का असर कमजोर पड़ता है और दर्शक थकान महसूस करने लगते हैं।
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Dhurandhar: The Revenge एक भव्य और बड़े पैमाने की फिल्म है, जिसमें एक्शन और स्टार पावर की कोई कमी नहीं है। लेकिन जरूरत से ज्यादा हिंसा, लंबाई और राजनीतिक झुकाव इसकी कमजोरियां बन जाती हैं।
अगर आप रणवीर सिंह के फैन हैं और बड़े पर्दे पर हाई-वोल्टेज एक्शन देखना पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपको पसंद आ सकती है। लेकिन मजबूत कहानी और संतुलित प्रस्तुति की उम्मीद रखने वालों के लिए यह थोड़ा निराशाजनक साबित हो सकती है।

