नई दिल्ली: Hrithik Roshan ने साल 2000 में फिल्म कहो ना… प्यार है से बॉलीवुड में एंट्री की और पहली ही फिल्म से सनसनी मचा दी। उनकी शानदार एक्टिंग, डांस और लुक्स ने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया। दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता इतनी तेजी से बढ़ी कि उन्हें इंडस्ट्री का अगला बड़ा स्टार माना जाने लगा।
लगातार फ्लॉप फिल्मों से डगमगाया करियर
शुरुआती सफलता के बाद ऋतिक का करियर अचानक पटरी से उतरने लगा। फिजा, मिशन कश्मीर, यादें, आप मुझे अच्छे लगने लगे और ना तुम जानो ना हम जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं किया। हालांकि कभी खुशी कभी ग़म हिट रही, लेकिन वह मल्टीस्टारर फिल्म थी। ऐसे में उनके सोलो स्टारडम पर सवाल उठने लगे।
पिता ने उठाया बड़ा जोखिम
इस मुश्किल दौर में राकेश रोशन अपने बेटे के साथ मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने एक अलग और जोखिम भरी कहानी पर फिल्म बनाने का फैसला किया। यह फिल्म थी कोई… मिल गया, जिसमें एलियन और एक मानसिक रूप से अलग युवक की दोस्ती को दिखाया गया। उस समय बॉलीवुड में इस तरह की साइंस-फिक्शन फिल्म बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण था।
अलग किरदार ने बदली किस्मत
इस फिल्म में ऋतिक ने “रोहित” का किरदार निभाया, जो उनकी पहले की इमेज से बिल्कुल अलग था। उन्होंने इस चुनौती को बखूबी निभाया और अपने अभिनय से दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों का दिल जीत लिया। यह रोल उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
सुपरहिट फिल्म ने दिलाई नई पहचान
साल 2003 में रिलीज हुई ‘कोई मिल गया’ बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई। फिल्म ने जबरदस्त कमाई के साथ करीब 42 अवॉर्ड अपने नाम किए। इस सफलता ने ऋतिक रोशन को फिर से टॉप स्टार्स की लिस्ट में शामिल कर दिया।
फ्रेंचाइजी ने बनाया मेगा स्टार
‘कोई मिल गया’ की सफलता के बाद इसकी कहानी आगे बढ़ी और कृष व कृष 3 जैसी फिल्में बनीं। इन फिल्मों ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया, बल्कि ऋतिक को बॉलीवुड का मेगा स्टार बना दिया।
यह कहानी सिर्फ एक एक्टर की वापसी की नहीं, बल्कि एक पिता के भरोसे और दूरदर्शिता की भी मिसाल है, जिसने अपने बेटे का करियर फिर से चमका दिया।
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