नारायणगढ। आर्य समाज डीएवी पब्लिक (सी.सै.) स्कूल, नारायणगढ़ में महाराणा प्रताप जयंती एवं शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में दो दिवसीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर देशभक्ति, आध्यात्मिकता और प्रेरणादायक विचारों से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, आर्य समाज के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। इस दौरान भजनोपदेशक राम निवास आर्य ने शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की अमर गाथाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उनके ओजस्वी और भावनात्मक प्रस्तुतीकरण ने उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। श्रोताओं ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
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मुख्य उपदेशक संजीव वेदालंकार ने अपने संबोधन में महाराणा प्रताप के जीवन, संघर्ष, वीरता और स्वाभिमान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर युवाओं को राष्ट्रहित में कार्य करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति भजनों, भाषणों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया। विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने विचारों के माध्यम से देशभक्ति की भावना को व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप और देश के शहीदों का जीवन हमें त्याग, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की सीख देता है, जिसे हर पीढ़ी को अपनाना चाहिए।
विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं आर्य समाज के प्रधान डॉ. आर.पी. राठी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में समाज को ऐसे महान व्यक्तित्वों के आदर्शों की सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे महाराणा प्रताप, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के जीवन से सीख लेकर देशप्रेम, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में उतारें।
इस अवसर पर आर्य समाज के मंत्री रोहित गुप्ता, कोषाध्यक्ष धर्मपाल शास्त्री, मीडिया प्रभारी सोनू स्वामी और विनीता वालिया सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया।
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दो दिवसीय इस आयोजन का समापन शांति पाठ के साथ हुआ। कार्यक्रम ने न केवल विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना को प्रबल किया, बल्कि उन्हें महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर योद्धाओं के आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित भी किया। यह आयोजन विद्यालय के शैक्षिक और सांस्कृतिक परिवेश को और अधिक समृद्ध बनाने में सफल रहा।

