नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 12 वर्षीय बच्चे को उसके ही माता-पिता ने कथित तौर पर जंजीरों से बांधकर घर में बंद रखा। आरोप है कि बच्चा मोबाइल चोरी करने का आदी था, जिससे परेशान होकर उसके दैनिक मज़दूरी करने वाले माता-पिता पिछले करीब दो महीनों से रोज़ उसे कई-कई घंटे जंजीर से बांधकर काम पर चले जाते थे।
शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बच्चे को रेस्क्यू किया। टीम जब मौके पर पहुंची तो बच्चा एक बाल्टी पर खड़ा हुआ था और उसके हाथ-पैर जंजीरों और रस्सियों से बंधे हुए थे। बताया गया कि माता-पिता रोज़ सुबह करीब 9 बजे उसे बांधकर घर से निकल जाते थे। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बच्चे को जंजीरों से बांधने के निशान कम से कम दो से तीन महीने पुराने हैं। बच्चे की पढ़ाई भी पहले ही छुड़वा दी गई थी और वह स्कूल छोड़ चुका था।
पुलिस को बताया गया कि बच्चे के व्यवहार को लेकर पहले भी थाने को सूचना दी गई थी और माता-पिता उसकी कथित गलत आदतों, खासकर चोरी, से बेहद परेशान थे। बच्चे की मेडिकल जांच में हाथ-पैरों पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं, जो जंजीर और रस्सी से बांधे जाने के कारण बने। डॉक्टरों ने मानसिक और शारीरिक आघात के संकेत भी बताए हैं। फिलहाल बच्चे को सरकारी बाल गृह में भेज दिया गया है, जहां उसकी देखभाल की जा रही है। मामले को अब बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और माता-पिता के खिलाफ किशोर न्याय (बालकों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
यह घटना न सिर्फ बाल अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जागरूकता और समय पर सहायता के अभाव में बच्चे किस तरह अमानवीय व्यवहार के शिकार हो सकते हैं।

