अमृतसर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान(CM Bhagwant Mann) को सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था Akal Takht Sahib ने तलब किया है। अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मुख्यमंत्री को निर्देश दिए हैं कि वे 15 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से अकाल तख्त साहिब सचिवालय में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दें।
यह समन मुख्यमंत्री द्वारा गोलक में पैसे चढ़ाने, दसवंध और अकाल तख्त साहिब से जुड़े कुछ बयानों को लेकर दर्ज कराई गई शिकायतों के बाद जारी किया गया है। शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने बयानों के जरिए गुरु की गोलक और दसवंध जैसी सिख धार्मिक परंपराओं को निशाना बनाया है, जिससे सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। इसके अलावा कुछ वीडियो क्लिप्स को लेकर भी गंभीर आपत्तियां सामने आई हैं।
जत्थेदार गड़गज्ज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह के बयान देना सिख मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बार-बार अकाल तख्त साहिब और गुरु की गोलक को चुनौती देने जैसे मामलों में मुख्यमंत्री को अपना पक्ष रखना ही होगा।
इस बीच, बेअदबी मामलों को लेकर पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां द्वारा 24 घंटे में इंसाफ दिलाने के बयान का भी जिक्र किया गया है, जबकि कई बेअदबी मामलों को लेकर पिछले चार वर्षों से चल रहे धरने हाल ही में समाप्त कराए गए हैं।
मंत्री सोंद ने पेश होकर स्पष्टीकरण दिया
उधर, इससे पहले पंजाब सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर भाई जैता जी (भाई जीवन सिंह) की यादगार से जुड़ी तस्वीरों पर उठे विवाद को लेकर स्पष्टीकरण दिया। वे हेरिटेज स्ट्रीट से अकाल तख्त साहिब तक नंगे पांव पहुंचे। मंत्री ने आश्वासन दिया कि अकाल तख्त के निर्देशों के अनुसार Sikh Maryada और पंजाबी विरासत की जानकारी रखने वाले अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी।
जत्थेदार ने मंत्री तरुणप्रीत सोंद और उनके विभाग का स्पष्टीकरण स्वीकार कर लिया है। मंत्री ने यह भी कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत की शताब्दी के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वयं मर्यादा बनाए रखने के विशेष निर्देश दिए थे।
अब सभी की निगाहें 15 जनवरी पर टिकी हैं, जब यह स्पष्ट होगा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान Akal Takht Summons पर उपस्थित होते हैं या नहीं। सिख परंपरा के अनुसार, अकाल तख्त के आदेशों की अवहेलना करने पर कड़ी धार्मिक कार्रवाई भी संभव है।
Patit Sikh Meaning kya hai
अब आपको जानकर भी हैरानी होगी कि पतित सिख और संपूर्ण सिख कौन से होते हैं। बता दें कि जो सिख सिर के बाल और दाढ़ी के बाल कटवाता हो, दाढ़ी के बाल कलर करता हो, अमृतधारी न हो, वह पतित सिख होता है। इसके अलावा जो अमृतधारी हो और पांच ककार धारण करता हो वह संपूर्ण सिख होता है।

