नई दिल्ली। लव जिहाद को लेकर चल रही बहस के बीच AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने BJP और RSS प्रमुख मोहन भागवत पर तीखा हमला बोला है। ओवैसी ने सवाल उठाया कि अगर देश में वास्तव में ‘लव जिहाद’ की घटनाएं हो रही हैं, तो सरकार संसद में इसके ठोस आंकड़े क्यों नहीं पेश करती। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों का पूरा रिकॉर्ड सामने लाया जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि आखिर ‘लव जिहाद’ की परिभाषा क्या है।
ओवैसी ने कहा कि जिन राज्यों में बीजेपी की सरकारें हैं, वहां से संबंधित मामलों का विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि बिना किसी ठोस परिभाषा और प्रमाण के इस विषय पर कानून बनाना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि यदि कोई व्यक्ति बालिग है—चाहे उसकी उम्र 18 हो या 21 वर्ष—और वह अपने फैसले खुद ले रहा है, तो यह किसी की पसंद या नापसंद का विषय नहीं है, बल्कि कानून द्वारा दी गई स्वतंत्रता का हिस्सा है।
AIMIM प्रमुख की यह प्रतिक्रिया आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने ‘लव जिहाद’ से निपटने को लेकर परिवारों की भूमिका पर जोर दिया था। भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने कहा था कि ‘लव जिहाद’ को रोकने की शुरुआत घरों से होनी चाहिए और इसके लिए परिवारों में संवाद, महिलाओं में जागरूकता और सामूहिक सामाजिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि परिवारों को यह सोचना चाहिए कि कोई बाहरी व्यक्ति किसी लड़की को कैसे प्रभावित कर सकता है और इस तरह की घटनाओं के पीछे घरेलू संवाद की कमी एक बड़ा कारण है।
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