शिमला। हिमाचल प्रदेश में सीमेंट के दाम बढ़ाए जाने को लेकर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर कड़ा हमला बोला है। शिमला से जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि प्रदेश इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा के दौर से गुजर रहा है, जिसमें हजारों लोग बेघर हो चुके हैं और इससे कहीं अधिक लोगों के घरों और पशुशालाओं को आंशिक या भारी नुकसान पहुंचा है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि एक ओर सरकार आपदा प्रभावितों को पर्याप्त राहत और मदद नहीं दे पा रही है, वहीं दूसरी ओर सीमेंट के दाम बढ़ाकर उन लोगों की मुश्किलें बढ़ाई जा रही हैं, जो अपने संसाधनों से टूटे-फूटे मकानों का पुनर्निर्माण करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे समय में बार-बार सीमेंट के दाम बढ़ाना आपदा प्रभावितों के साथ अमानवीय व्यवहार है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह और भी हैरान करने वाला है कि सीमेंट कंपनियों ने अपने डीलर्स को आगे और दाम बढ़ाने का अल्टीमेटम तक दे दिया है। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में आम जनता पर और ज्यादा आर्थिक बोझ पड़ने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस पर कोई ठोस नियंत्रण नहीं कर रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से सीमेंट पर जीएसटी कम करने का संवेदनशील फैसला लिया था, ताकि निर्माण सामग्री सस्ती हो सके। लेकिन हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने इस राहत को खत्म करते हुए एडिशनल गुड्स टैक्स लगाकर सीमेंट के दाम दोबारा बढ़ा दिए।
उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरी तरह जनविरोधी है और विशेष रूप से उन परिवारों के साथ अन्याय है, जिन्होंने प्राकृतिक आपदा में अपना सब कुछ खो दिया है।
नेता प्रतिपक्ष ने याद दिलाया कि वर्ष 2023 की प्राकृतिक आपदा के दौरान भी कांग्रेस सरकार ने डीजल पर वैट बढ़ाकर प्रदेशवासियों की परेशानियां बढ़ाई थीं। उन्होंने कहा कि बार-बार ऐसे फैसले यह दर्शाते हैं कि सरकार को न तो आपदा पीड़ितों की पीड़ा का एहसास है और न ही उनके पुनर्वास को लेकर कोई गंभीरता है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि इस समय सरकार को राहत देने वाले निर्णय लेने चाहिए थे, ताकि सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा सके। इसके विपरीत, सरकार नए-नए कर लगाकर पीड़ितों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।
उन्होंने साफ किया कि भारतीय जनता पार्टी आपदा प्रभावितों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ेगी और कांग्रेस सरकार के हर जनविरोधी फैसले का पुरजोर विरोध करती रहेगी।

