परफॉर्मेंस सुधारने के बहाने होटल बुलाया, 21 दिन सदमे में रही पीड़िता
फरीदाबाद।
हरियाणा के फरीदाबाद में एक नाबालिग शूटर ने अपने नेशनल कोच अंकुश भारद्वाज पर रेप का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि कोच ने परफॉर्मेंस पर बात करने के बहाने उसे फरीदाबाद के फाइव स्टार होटल के कमरे में बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। कोच ने विरोध करने पर लड़की को उसके करियर को खत्म करने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी।
पीड़िता करीब 21 दिनों तक सदमे में रही और फिर हिम्मत करके अपनी मां को पूरी घटना बताई। 6 जनवरी को उन्होंने फरीदाबाद के एनआईटी महिला पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। होटल के स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज जुटाई जा रही है।
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी कोच अंकुश भारद्वाज को सस्पेंड कर दिया। एसोसिएशन ने कहा कि जांच पूरी होने तक वह निलंबित रहेंगे।
पीड़िता नोएडा की रहने वाली है और 2017 से शूटिंग की प्रैक्टिस कर रही थी। जुलाई 2025 से वह अंकुश भारद्वाज के पास ट्रेनिंग ले रही थी। 16 दिसंबर को दिल्ली की डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में नेशनल लेवल की शूटिंग प्रतियोगिता के दौरान यह घटना हुई। मैच खत्म होने के बाद कोच ने उसे शूटिंग रेंज में रुकने के बजाय होटल बुलाया और खेल में सुधार के बहाने कमरे में बुलाकर दुष्कर्म किया।
पीड़िता की मां ने बताया कि हादसे के बाद उनकी बेटी किसी से बात नहीं करती थी और प्रैक्टिस पर भी ध्यान नहीं दे पा रही थी। हिम्मत करके उसने 21 दिन बाद मां को पूरी घटना बताई।
भिवानी की शूटर से भी हुई थी वारदात
इससे पहले भिवानी की एक 22 वर्षीय शूटर के साथ भी फरीदाबाद के उसी होटल में रेप की घटना हुई थी। आरोपी राजस्थान की शूटर ज्योति, उसका बॉयफ्रेंड गौरव और दोस्त सतेंद्र थे। नशीला पदार्थ पिलाकर शूटर के साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए तीनों आरोपियों को कमरे में ही लॉक कर पुलिस के हवाले किया।
पुलिस ने कहा कि फरीदाबाद के सराय ख्वाजा इलाके स्थित होटल से सीसीटीवी फुटेज और स्टाफ के बयान जुटाए जा रहे हैं। मामले की काउंसिलिंग भी कराई जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है और दोषियों को सजा दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
Also read: कुत्ते इंसानी डर पहचानते हैं, इसलिए हमला करते हैं : सुप्रीम कोर्ट

