गडकरी का ऐलान-वाहन आपस में करेंगे बात, रियल-टाइम अलर्ट से ड्राइवर होंगे सतर्क
नई दिल्ली।
देश में बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार एक अहम तकनीकी पहल करने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को घोषणा की कि सरकार जल्द ही व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी को भारतीय वाहनों में लागू करने की दिशा में काम कर रही है। इस तकनीक के जरिए वाहन एक-दूसरे से सीधे संवाद कर सकेंगे, जिससे ड्राइवरों को आसपास की ट्रैफिक स्थिति की तुरंत और सटीक जानकारी मिलेगी।
गडकरी ने बताया कि V2V तकनीक के तहत वाहन अपने आसपास चल रहे अन्य वाहनों की स्पीड, लोकेशन, ब्रेकिंग, एक्सीलेरेशन और ब्लाइंड स्पॉट से जुड़ी जानकारी रियल-टाइम में साझा करेंगे। इससे ड्राइवर समय रहते सतर्क हो सकेगा और संभावित दुर्घटनाओं से बचाव संभव होगा। खासतौर पर हाईवे, घने ट्रैफिक वाले शहरी इलाकों और खराब विजिबिलिटी की स्थिति में यह तकनीक बेहद कारगर साबित होगी।
उन्होंने कहा कि इस पहल को लागू करने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ मिलकर एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया गया है। DoT ने V2V कम्युनिकेशन के लिए 30 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम (5.875 से 5.905 गीगाहर्ट्ज) के उपयोग को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह वायरलेस तकनीक वाहनों को बिना किसी बाहरी नेटवर्क के आपस में सीधे कम्युनिकेशन करने में सक्षम बनाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार पहले से ही सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई मोर्चों पर काम कर रही है। इनमें सड़क इंजीनियरिंग में सुधार, ब्लैक स्पॉट्स को ठीक करना, ट्रैफिक नियमों का सख्त पालन, और उल्लंघन पर बढ़े हुए जुर्माने जैसे कदम शामिल हैं। इसके बावजूद भारत में हर साल करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें लगभग 1.8 लाख लोगों की जान चली जाती है। चिंताजनक तथ्य यह है कि इनमें से लगभग 66 प्रतिशत मौतें 18 से 34 वर्ष के युवाओं की होती हैं।
गडकरी ने यह भी बताया कि सरकार आगामी बजट सत्र में मोटर वाहन अधिनियम में 61 संशोधन लाने की तैयारी कर रही है। इन प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य न केवल सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है, बल्कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, नागरिक सेवाओं में सुधार, बेहतर मोबिलिटी, परिभाषाओं और भाषा को सरल बनाना, तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप नियमों का सामंजस्य स्थापित करना भी है।
राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की वार्षिक बैठक में कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें बसों और स्लीपर कोच की सुरक्षा मानक, बस बॉडी कोड, भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (BNCAP) रेटिंग, और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) को चरणबद्ध तरीके से लागू करने जैसे प्रस्ताव शामिल रहे।
इसके अलावा बैठक में ट्रैफिक उल्लंघनों पर नजर रखने के लिए पॉइंट्स-आधारित सिस्टम, तथा एक निश्चित ग्रॉस व्हीकल वेट तक के सभी मालवाहक वाहनों के लिए डिजिटल और ऑटोमेटेड परमिट जारी करने की व्यवस्था पर भी विचार किया गया। सरकार का मानना है कि तकनीक, कड़े नियम और जागरूकता के संयुक्त प्रयासों से आने वाले वर्षों में सड़क हादसों और मौतों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।

