नई दिल्ली । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड CBSE की कक्षा 12 की गणित की बोर्ड परीक्षा के दौरान सामने आए एक अनोखे मामले ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी है। परीक्षा के प्रश्नपत्र पर छपे एक QR कोड को लेकर दावा किया गया कि उसे स्कैन करने पर प्रसिद्ध इंटरनेट मज़ाक रिकरोल से जुड़ा वीडियो खुल रहा था। यह मामला सामने आने के बाद इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया और कई लोगों ने इसे लेकर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं।
QR कोड स्कैन करने पर खुला मशहूर गाना
मामला तब सामने आया जब कक्षा 12 के गणित प्रश्नपत्र की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने लगे। प्रश्नपत्र पर एक QR कोड छपा हुआ था, जिसे कथित तौर पर सुरक्षा और सत्यापन के उद्देश्य से शामिल किया गया था। कुछ छात्रों का दावा है कि जब उन्होंने इस QR कोड को अपने मोबाइल फोन से स्कैन किया, तो वह उन्हें यूट्यूब पर ब्रिटिश गायक रिक एस्टली के मशहूर गाने “Never Gonna Give You Up” के म्यूजिक वीडियो पर ले गया।
एक वायरल वीडियो में एक छात्रा अपने गणित के प्रश्नपत्र पर छपे QR कोड को स्कैन करते हुए दिखाई देती है। वीडियो में वह कहती है, मैं आपको कुछ दिखाना चाहती हूं। यह मेरा मैथ्स का प्रश्नपत्र है। मैं अभी इसका QR कोड स्कैन कर रही हूं और देखिए यह किस लिंक पर ले जा रहा है। स्कैन करने के बाद वीडियो कथित तौर पर सीधे उस मशहूर म्यूजिक वीडियो पर खुल जाता है, जिसे इंटरनेट पर रिकरोल के नाम से जाना जाता है।
क्या है ‘रिकरोल’ इंटरनेट मजाक
दरअसल “रिकरोल” इंटरनेट पर वर्षों से लोकप्रिय एक मजाक है। इसमें किसी लिंक पर क्लिक करने या QR कोड स्कैन करने पर व्यक्ति को अचानक “Never Gonna Give You Up” गाने के वीडियो पर भेज दिया जाता है। यह ऑनलाइन मीम 2000 के दशक के अंत से इंटरनेट संस्कृति का हिस्सा रहा है और आज भी सोशल मीडिया पर मजाक के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
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सभी छात्रों का अनुभव एक जैसा नहीं
हालांकि सभी छात्रों ने ऐसा अनुभव नहीं किया। कई परीक्षा केंद्रों से छात्रों ने बताया कि उनके प्रश्नपत्र पर छपे QR कोड को स्कैन करने पर कोई वीडियो नहीं खुला। इसके बजाय उनके फोन में केवल “A” या “Q” जैसे अक्षर दिखाई दिए। माना जा रहा है कि ये बोर्ड द्वारा उपयोग किए जाने वाले आंतरिक पहचान चिन्ह हो सकते हैं।
इन अलग-अलग अनुभवों के कारण छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या वायरल हो रहे वीडियो और स्क्रीनशॉट पूरी तरह सही हैं या फिर किसी तकनीकी त्रुटि या एडिटेड सामग्री के कारण ऐसा दिखाई दे रहा है।
CBSE ने जारी किया आधिकारिक बयान
बढ़ते विवाद के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी किया। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्रों में कई प्रकार की सुरक्षा विशेषताएं शामिल होती हैं, जिनमें QR कोड भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इनका उपयोग प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता की जांच करने और किसी संभावित पेपर लीक या गड़बड़ी का पता लगाने के लिए किया जाता है।
CBSE ने स्वीकार किया कि कुछ प्रश्नपत्र सेट में QR कोड स्कैन करने पर यूट्यूब वीडियो खुलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता या परीक्षा की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है।
परीक्षा की सुरक्षा पर नहीं पड़ा असर
बोर्ड ने अपने बयान में कहा, “प्रश्नपत्र पूरी तरह से वास्तविक हैं और उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हुआ है।” CBSE ने यह भी आश्वासन दिया कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
घटना को लेकर जारी है चर्चा
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा जारी है। जहां कुछ लोग इसे परीक्षा के तनाव के बीच एक हल्के-फुल्के मजाक के रूप में देख रहे हैं, वहीं कई लोग इस मामले की विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में QR कोड जैसी तकनीक का उपयोग सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए किया जाता है।
फिलहाल CBSE द्वारा पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है और यह घटना इस साल की बोर्ड परीक्षा से जुड़ी सबसे चर्चित घटनाओं में से एक बन गई है।
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