वैश्विक कंसल्टिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी Accenture की सीईओ Julie Sweet ने कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कंपनी में आगे बढ़ने और प्रमोशन पाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कौशल सीखना बेहद जरूरी हो गया है। उनका कहना है कि जो कर्मचारी कंपनी के नए एआई टूल्स का प्रभावी उपयोग नहीं करेंगे, उनके लिए भविष्य में आगे बढ़ना मुश्किल हो सकता है।
जूली स्वीट ने एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान बताया कि कंपनी के काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है और अब एआई उन प्रमुख तकनीकों में से एक बन चुका है जिसके बिना आधुनिक कॉरपोरेट कार्यप्रणाली की कल्पना करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि कंपनी में प्रमोशन पाने के इच्छुक कर्मचारियों को यह दिखाना होगा कि वे एआई टूल्स का इस्तेमाल अच्छी तरह से कर सकते हैं और नई तकनीक को अपनाने के लिए तैयार हैं।
स्वीट के अनुसार, यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। कंपनी पिछले लगभग तीन वर्षों से कर्मचारियों को नई तकनीक के अनुरूप तैयार करने की प्रक्रिया में लगी हुई है। इस दौरान कर्मचारियों को एआई आधारित टूल्स और सिस्टम के इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षित किया गया ताकि वे धीरे-धीरे बदलते कार्य वातावरण के साथ सहज हो सकें। अब कंपनी इसे अपने नियमित कार्य ढांचे का हिस्सा बना चुकी है।
उन्होंने कहा कि जैसे पहले ऑफिसों में टाइपराइटर से कंप्यूटर तक का बदलाव आया था, उसी तरह अब एआई का दौर शुरू हो चुका है। उस समय भी कर्मचारियों को कंप्यूटर चलाना सीखना पड़ा था क्योंकि कंपनियां उसी के माध्यम से काम करना चाहती थीं। ठीक उसी तरह आज एआई नई कार्य प्रणाली का आधार बनता जा रहा है। इसलिए इसे सीखना किसी विकल्प की तरह नहीं बल्कि जरूरत के रूप में देखा जाना चाहिए।
कंपनी ने अपने कर्मचारियों को नई तकनीक के अनुरूप बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश भी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, एक्सेंचर ने अपने बिजनेस ऑप्टिमाइजेशन और रिस्किलिंग कार्यक्रम के तहत लगभग 865 मिलियन डॉलर का निवेश किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हजारों कर्मचारियों को नई तकनीकों, विशेष रूप से एआई, में प्रशिक्षित करना है। जो कर्मचारी इस बदलाव के साथ खुद को ढालने से इनकार करते हैं, उनके लिए कंपनी में टिके रहना भी मुश्किल हो सकता है।
इसके अलावा कंपनी ने 2023 में एक तीन वर्षीय योजना की घोषणा की थी जिसके तहत एआई को अपने अधिकांश कार्यों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत कंपनी अपने एआई विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाकर लगभग 80,000 तक पहुंचाना चाहती है। इसके लिए भर्ती, अधिग्रहण और प्रशिक्षण जैसे कई कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में कंपनी के दुनियाभर में सात लाख से अधिक कर्मचारी हैं।
जूली स्वीट का मानना है कि कई कंपनियां एआई को अपनाने में इसलिए पीछे रह जाती हैं क्योंकि वे इसे केवल एक अतिरिक्त टूल की तरह इस्तेमाल करती हैं। जबकि असल में एआई का पूरा लाभ लेने के लिए कंपनियों को अपने काम करने के तरीके और सिस्टम को भी उसी के अनुसार बदलना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जो संस्थान इस बदलाव को अपनाने में साहस दिखाएंगे, वही भविष्य में प्रतिस्पर्धा में आगे रह पाएंगे।
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हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस तरह के बदलाव कर्मचारियों और ग्राहकों दोनों के लिए आसान नहीं होते। नई तकनीक अपनाने के दौरान कई चुनौतियां सामने आती हैं, लेकिन अगर कंपनियां नवाचार और परिवर्तन को स्वीकार करती हैं तो वे लंबे समय में अधिक मजबूत बनती हैं।
कुल मिलाकर, एक्सेंचर की यह पहल दर्शाती है कि आने वाले समय में एआई कौशल कॉरपोरेट दुनिया में सफलता की एक अहम शर्त बनने जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के कार्यस्थलों में वही कर्मचारी आगे बढ़ पाएंगे जो नई तकनीकों को सीखने और बदलते माहौल के साथ खुद को लगातार अपडेट रखने के लिए तैयार होंगे।

