नई दिल्ली। मशहूर रैपर और सिंगर Badshah के नए गाने ‘टाटेरी’ (Tateeree) को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस गाने के कुछ बोल और वीडियो को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई है और आरोप लगाया है कि इसमें महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के प्रति आपत्तिजनक संदेश दिया गया है। हालांकि इस विवाद के बीच इंडिपेंडेंट हिप-हॉप कलाकार Santy Sharma ने Badshah का समर्थन किया है और लोगों से कलाकार को समझने की अपील की है।
सैंटी शर्मा ने क्या कहा
सैंटी शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम पर Badshah की तस्वीर के साथ एक लंबा नोट साझा किया। उन्होंने लिखा कि हिप-हॉप म्यूजिक का एक अलग कल्चर और स्टाइल होता है, जिसे भारत में अभी भी बहुत लोग पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं।
उन्होंने कहा, “रैप म्यूजिक में कलाकार अक्सर अपने प्रतिद्वंद्वियों को लेकर लाइनें लिखते हैं। कई बार गाने का ऑडियो पहले तैयार हो जाता है और वीडियो बाद में बनता है। वीडियो बनाने वाली टीम अलग होती है और कई बार बड़े कलाकारों को भी यह पूरी जानकारी नहीं होती कि वीडियो में क्या दिखाया जाएगा।”
सैंटी शर्मा ने आगे लिखा कि अगर किसी गाने के बोल गलत हैं या उससे किसी की भावनाएं आहत होती हैं तो उन बोलों को बदला जाना चाहिए, लेकिन बिना पूरी सच्चाई जाने कलाकार को कठोर तरीके से जज करना ठीक नहीं है। उन्होंने पोस्ट के अंत में लिखा, “अगर मेरी इस बात से किसी को ठेस पहुंचे तो मुझे खेद है, लेकिन यही सच्चाई है।”
Badshah ने भी मांगी माफी
इस विवाद के बीच Badshah ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी और माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी महिला या बच्चे का अपमान करने का बिल्कुल नहीं था।
वीडियो में Badshah ने कहा, “मेरा गाना ‘टाटेरी’ रिलीज हुआ है और मैं देख रहा हूं कि उसके एक हिस्से के लिरिक्स और विजुअल्स की वजह से कई लोगों को, खासकर मेरे हरियाणा के लोगों को ठेस पहुंची है। सबसे पहले मैं यह कहना चाहता हूं कि मैं खुद हरियाणा से हूं और मुझे अपनी पहचान पर गर्व है।”
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग उन्हें जानते हैं, वे जानते हैं कि उनकी भाषा, खान-पान और जीवनशैली पूरी तरह हरियाणा की संस्कृति से जुड़ी हुई है।
लिरिक्स का संदर्भ भी समझाया
Badshah ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि हिप-हॉप म्यूजिक में अक्सर कलाकार एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा दिखाने के लिए तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि गाने के लिरिक्स किसी महिला या बच्चे के लिए नहीं थे और भविष्य में भी वह ऐसा कभी नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा हरियाणा की संस्कृति और भाषा को अपने संगीत के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की है।
वीडियो के अंत में उन्होंने कहा, “अगर मेरे गाने से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं दिल से माफी मांगता हूं। मुझे अपने हरियाणा के बेटे की तरह समझकर माफ कर दीजिए।”
विवाद ने लिया कानूनी रूप
इस पूरे मामले ने अब कानूनी मोड़ भी ले लिया है। हरियाणा राज्य महिला आयोग ने बैडशाह को नोटिस जारी किया है और उनसे 13 मार्च को आयोग के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखने को कहा है।
यह नोटिस पानीपत की सामाजिक कार्यकर्ता सविता आर्या और शिव आरती फाउंडेशन के प्रमुख शिव कुमार की शिकायत के बाद जारी किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गाने की एक लाइन—“आया Badshah डोली चढ़ाने, इन सबकी घोड़ी बनाने”—आपत्तिजनक है।
साथ ही गाने के वीडियो में स्कूल यूनिफॉर्म पहनी नाबालिग लड़कियों को हरियाणा रोडवेज बस में चढ़ते और अपने बैग फेंकते हुए दिखाया गया है, जिस पर भी आपत्ति जताई गई है।
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सोशल मीडिया पर बहस जारी
गाने को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि हिप-हॉप म्यूजिक की शैली को समझे बिना कलाकार को निशाना बनाया जा रहा है।
फिलहाल सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि Badshah आयोग के सामने क्या सफाई देते हैं और आगे इस विवाद का क्या परिणाम निकलता है।

