चेन्नई/नई दिल्ली।
सोना बाजार में आज भारी गिरावट दर्ज की गई है जिससे चेन्नई के सराफा बाजार और ज्वेलरी खरीददारों दोनों पर असर दिखा है। 2 फरवरी 2026 के दिन चेन्नई में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,62,540 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,48,990 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता देखा गया है, जो पिछले दिनों की तुलना में नरम है और गिरावट की ताजा लहर को दर्शाता है। भारतीय बाजारों में यह गिरावट वैश्विक संकेतों के दबाव, मुनाफावसूली गतिविधियों और डॉलर की मजबूती जैसे कारकों से जुड़ी हुई मानी जा रही है।
आज के बाजार में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट का प्रमुख कारण निवेशकों द्वारा ‘प्रॉफिट बुकिंग’ बताया जा रहा है, यानी शीर्ष स्तरों पर पहुंचने के बाद कई निवेशकों ने अपनी पोजीशन बंद कर दी, जिससे मांग और भावों पर दबाव बन गया। इस मंदी की लहर वैश्विक कमोडिटी बाजार में भी देखी जा रही है, जहां सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों की धारणा बदल दी है और कई लोगों ने खरीदारी के निर्णय को टाल दिया है।
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चेन्नई के सराफा बाजार में 24 कैरेट सोने के रेट में गिरावट के साथ-साथ 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भावों में भी नरमी आई है, जिससे उन ग्राहकों के लिए थोड़ी राहत की स्थिति बन रही है जो लंबे समय से सोना खरीदने का इंतज़ार कर रहे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतों में कमजोरी और MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर दबाव के कारण आई है, जिसने 24 कैरेट सोने के भावों को पिछले स्तरों की तुलना में नीचे खींच दिया है।
इसके अलावा, बजट 2026 के बाद बाजार में जो अनिश्चितता बनी हुई थी, उसने सोने के दामों पर भी असर डाला है। बजट प्रस्तुत होने के बाद सराफा बाजार में निवेशकों ने पहले तो सोने की उच्च कीमतों के आधार पर मुनाफा सुरक्षित किया, जिससे बाजार में आपूर्ति बढ़ी और भावों पर नीचे की ओर दबाव आया।
चेन्नई के स्थानीय ज्वैलर्स का कहना है कि सोने के भावों में यह गिरावट कुछ निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर भी पेश कर सकती है, क्योंकि दरें अभी कुछ दिनों पहले की तुलना में कम हो गई हैं। हालांकि, वे यह भी चेतावनी देते हैं कि बाजार में उतार-चढ़ाव आम बात है और खरीदारी करते समय निवेशकों और उपभोक्ताओं को लंबी अवधि के रुझानों और विशेषज्ञ सलाह को ध्यान में रखना चाहिए।
इस गिरावट के चलते कुछ छोटे ज्वेलरी शॉप्स और खरीदारों ने कीमत पर बातचीत तेज कर दी है, जिससे स्थानीय बाजार में अतिरिक्त दबाव महसूस हो रहा है। वहीं, कुछ अनुभवी निवेशक मानते हैं कि सोना अभी भी दीर्घकालिक निवेश का सुरक्षित विकल्प है, विशेषकर जब वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है और कोई स्पष्ट प्रत्यक्ष रुझान नज़र नहीं आ रहा है।
हालांकि चेन्नई में आज सोने के भावों में गिरावट आई है, लेकिन मार्केट अनिश्चितता और वैश्विक संकेतों के बीच यह गिरावट स्थायी नहीं भी हो सकती, और भविष्य में कीमतों में फिर उत्थान की संभावना भी बनी हुई है। इसलिए विशेषज्ञों का सुझाव है कि उपभोक्ता और निवेशक जल्दबाज़ी में फैसले लेने की बजाय बाजार की चाल और आर्थिक संकेतों पर नजर बनाए रखें।
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आज चेन्नई में सोने के दाम गिरावट की ओर रहे हैं और 24 कैरेट व 22 कैरेट सोने के भावों में नरमी आई है, जिसका मुख्य कारण वैश्विक बाजारों में दबाव, निवेशकों की मुनाफावसूली और बजट 2026 के बाद के संकेत हैं। निवेशकों और खरीददारों के लिए यह दबाव कुछ हद तक खरीदारी का अवसर भी पेश करता है, लेकिन सतर्कता और विशेषज्ञ सलाह आवश्यक है।

