भारत के लिए गर्व की खबर है कि आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र और प्रसिद्ध एआई शोधकर्ता Devendra Singh Chaplot अब दुनिया के सबसे चर्चित टेक उद्यमी Elon Musk की कंपनियों SpaceX और xAI के साथ जुड़ गए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे चापलोट अब मस्क की टीम के साथ मिलकर “सुपरइंटेलिजेंस” विकसित करने के मिशन में योगदान देंगे।
देवेंद्र चापलोट ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (formerly Twitter) पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की। उन्होंने एलन मस्क के साथ अपनी एक तस्वीर भी पोस्ट की और लिखा कि वह अब मस्क की टीम के साथ “सुपरइंटेलिजेंस बनाने” के लिए काम करेंगे। मस्क ने भी उनके पोस्ट का जवाब देते हुए उन्हें अपनी एआई कंपनी xAI में स्वागत किया।
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आईआईटी बॉम्बे से शुरू हुआ सफर
देवेंद्र सिंह चापलोट ने वर्ष 2014 में Indian Institute of Technology Bombay से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बी.टेक किया। इसके साथ ही उन्होंने एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स में माइनर डिग्री भी प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान ही उनकी रुचि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में विकसित हो गई थी।
आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका का रुख किया और प्रतिष्ठित Carnegie Mellon University के मशीन लर्निंग विभाग से पीएचडी की। अपने शोध के दौरान उन्होंने “इंटेलिजेंट ऑटोनॉमस नेविगेशन एजेंट” यानी ऐसे एआई सिस्टम विकसित करने पर काम किया जो मशीनों और रोबोट्स को अपने आप रास्ता ढूंढने और निर्णय लेने में सक्षम बनाते हैं।
कई बड़ी कंपनियों में किया काम
पीएचडी के बाद देवेंद्र चापलोट ने टेक इंडस्ट्री की कई बड़ी कंपनियों के साथ काम किया। उन्होंने लगभग एक वर्ष तक दक्षिण कोरिया की टेक कंपनी Samsung Electronics में भी काम किया, जहां उन्होंने एआई और कंप्यूटर विज़न से जुड़े प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया।
इसके बाद उन्होंने Facebook AI Research (अब Meta AI) में एआई रिसर्च साइंटिस्ट के रूप में काम किया। यहां उनका शोध मुख्य रूप से कंप्यूटर विज़न और रोबोटिक्स के संगम पर केंद्रित था। उनका काम मशीनों को दृश्य जानकारी समझने और उसके आधार पर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने से जुड़ा था।
Mistral AI में निभाई अहम भूमिका
वर्ष 2020 में चापलोट फ्रांस की एआई कंपनी Mistral AI से जुड़े। यहां उन्होंने मल्टीमॉडल रिसर्च टीम का नेतृत्व किया। उनकी टीम ने कई उन्नत एआई मॉडल तैयार किए, जिनमें Pixtral Large और Pixtral 12B जैसे मॉडल शामिल हैं।
इसके अलावा उन्होंने Mistral 7B, Mixtral 8x7B और Mistral Large जैसे बड़े एआई मॉडलों के प्रशिक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन मॉडलों का उद्देश्य टेक्स्ट, इमेज और अन्य प्रकार के डेटा को समझने वाली अधिक शक्तिशाली एआई प्रणालियां विकसित करना था।
नई एआई कंपनी की स्थापना टीम में भी रहे शामिल
देवेंद्र चापलोट बाद में एआई रिसर्च और प्रोडक्ट कंपनी Thinking Machine Labs की संस्थापक टीम के सदस्य भी बने। यहां उन्होंने एआई रिसर्च और नई तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिले
अपने शोध कार्य के लिए चापलोट को कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुके हैं। उन्हें वर्ष 2020 में Facebook Fellowship से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्होंने CVPR 2020 AI Habitat Object Navigation Challenge भी जीता।
वर्ष 2018 में उन्हें CVPR 2018 Deep Learning for Visual SLAM Workshop में अपने शोध पत्र के लिए “बेस्ट पेपर अवॉर्ड” भी मिला था।
अब xAI में निभाएंगे नई भूमिका
देवेंद्र चापलोट अब एलन मस्क की एआई कंपनी xAI में टेक्निकल स्टाफ के सदस्य के रूप में शामिल हुए हैं। उनका मुख्य फोकस उन्नत एआई सिस्टम और सुपरइंटेलिजेंस के विकास पर रहेगा।
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अपने पोस्ट में चापलोट ने कहा कि वह कई वर्षों से रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति बेहद जुनूनी रहे हैं। उन्होंने लिखा कि रिसर्च से लेकर नई एआई कंपनियों की संस्थापक टीमों के साथ काम करना उनके लिए एक “असाधारण यात्रा” रही है।
उन्होंने अपने करियर के अब तक के सफर के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिन लोगों और अवसरों ने उन्हें यहां तक पहुंचाया, वे उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि देवेंद्र चापलोट का एलन मस्क की टीम में शामिल होना भारत के लिए गर्व की बात है। यह दिखाता है कि भारतीय वैज्ञानिक और इंजीनियर दुनिया की सबसे उन्नत तकनीकी परियोजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

