नई दिल्ली। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की CEO और सन ग्रुप की वारिस काव्या मारन इन दिनों एक बड़े विवाद के कारण चर्चा में हैं। इंग्लैंड की क्रिकेट लीग The Hundred में उनकी फ्रेंचाइज़ी द्वारा पाकिस्तान के स्पिनर अब्रार अहमद को साइन करने के बाद सोशल मीडिया पर भारी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ यूजर्स ने इसे लेकर #BoycottSRH जैसे हैशटैग भी ट्रेंड करा दिए।
हालांकि इस विवाद के बीच काव्या मारन का नाम वैश्विक फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट में तेजी से उभरते हुए नेतृत्व के रूप में भी देखा जा रहा है। आइए जानते हैं उनके जीवन, परिवार, शिक्षा और क्रिकेट मैनेजमेंट में उनके सफर के बारे में।
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चेन्नई में जन्म और प्रभावशाली परिवार
काव्या मारन का जन्म 6 अगस्त 1992 को चेन्नई में हुआ था। वह भारत के सबसे प्रभावशाली मीडिया और बिजनेस परिवारों में से एक से आती हैं। उनके पिता कलानिधि मारन सन ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन हैं, जबकि उनकी मां कावेरी मारन सन टीवी नेटवर्क की CEO हैं।
काव्या का परिवार राजनीति से भी जुड़ा रहा है। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरासोली मारन की पोती और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के परिवार से भी संबंध रखती हैं। इसी वजह से उनका नाम अक्सर बिजनेस और राजनीति दोनों क्षेत्रों के प्रभावशाली लोगों में लिया जाता है।
शिक्षा: चेन्नई से लंदन तक
काव्या मारन ने अपनी शुरुआती पढ़ाई चेन्नई में की। उन्होंने स्टेला मैरिस कॉलेज, चेन्नई से कॉमर्स (B.Com) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने ब्रिटेन के प्रतिष्ठित वारविक बिजनेस स्कूल से MBA किया।
विदेश से मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सन ग्रुप के बिजनेस और स्पोर्ट्स वेंचर्स में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की।
क्रिकेट मैनेजमेंट में तेजी से उभरी पहचान
काव्या मारन को सबसे ज्यादा पहचान तब मिली जब वह सनराइजर्स हैदराबाद की मैनेजमेंट टीम में सक्रिय दिखने लगीं। IPL ऑक्शन और मैचों के दौरान उनकी मौजूदगी ने उन्हें क्रिकेट फैंस के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया।
कई बार कैमरा उनके रिएक्शन को कैद करता है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं। धीरे-धीरे वह फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट की सबसे चर्चित महिला चेहरों में शामिल हो गईं।
सनराइजर्स ब्रांड का वैश्विक विस्तार
सन ग्रुप ने क्रिकेट में अपने ब्रांड को भारत से बाहर भी फैलाया है। काव्या मारन की निगरानी में सनराइजर्स नाम से कई टीमों का विस्तार हुआ है।
इनमें शामिल हैं:
इस तरह वह अब वैश्विक फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट नेटवर्क का हिस्सा बन चुकी हैं।
अब्रार अहमद साइनिंग पर विवाद
मार्च 2026 में इंग्लैंड की लीग The Hundred की नीलामी में सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तान के स्पिनर अब्रार अहमद को करीब £190,000 (लगभग ₹2.34 करोड़) में साइन किया।
यह पहली बार था जब किसी भारतीय मालिकाना हक वाली टीम ने The Hundred में पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदा। इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।
कुछ यूजर्स ने भारत-पाकिस्तान के राजनीतिक तनाव का हवाला देते हुए इस फैसले की आलोचना की, जबकि कई लोगों ने इसे सिर्फ खेल के नजरिए से देखने की बात कही।
सोशल मीडिया पर #BoycottSRH ट्रेंड
अब्रार अहमद की साइनिंग के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर #BoycottSRH ट्रेंड करने लगा। खबरों के मुताबिक बड़ी संख्या में रिपोर्ट किए जाने के कारण सनराइजर्स लीड्स का आधिकारिक अकाउंट कुछ समय के लिए सस्पेंड भी हो गया था।
हालांकि टीम या सन ग्रुप की ओर से इस विवाद पर कोई बड़ी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
काव्या मारन की नेट वर्थ
रिपोर्ट्स के अनुसार काव्या मारन की व्यक्तिगत संपत्ति लगभग ₹400 से ₹435 करोड़ (करीब 50 मिलियन डॉलर) आंकी जाती है।
हालांकि यह उनके पिता के अरबों डॉलर के मीडिया साम्राज्य की तुलना में काफी कम है, लेकिन फिर भी वह भारत की युवा और प्रभावशाली बिजनेस लीडर्स में गिनी जाती हैं।
भविष्य में और बढ़ सकता है प्रभाव
काव्या मारन का नाम अब सिर्फ IPL तक सीमित नहीं रहा। वह अंतरराष्ट्रीय फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट में तेजी से उभरती हुई बिजनेस लीडर के रूप में देखी जा रही हैं।
चाहे उनकी रणनीतियों की तारीफ हो या विवादों पर आलोचना, इतना तय है कि काव्या मारन आने वाले समय में क्रिकेट बिजनेस की दुनिया में और बड़ा प्रभाव छोड़ सकती हैं।

