मुंबई।
भारतीय शेयर बाजार में Life Insurance Corporation of India (LIC) के शेयरों ने हाल के सत्रों में मजबूत प्रतिक्रिया दी है, खासकर दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) के अच्छे नतीजों के बाद। सार्वजनिक क्षेत्र की इस सबसे बड़ी बीमा कंपनी के कंपनी के तिमाहिक नतीजों में 17% की बढ़त आने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा है और स्टॉक मार्केट में इसका शेयर प्राइस तेजी से ऊपर आया है।
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LIC ने Q3 में ₹12,930 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले साल इसी तिमाही के मुकाबले 17% ज्यादा है। इसी के साथ नेट प्रीमियम इनकम ₹1.26 लाख करोड़ तक पहुंच गई, जिससे कंपनी की कारोबारी मजबूती साफ हुई है। इन परिणामों से बाजार में सकारात्मक माहौल बना और शेयरों में खरीदारी देखी गई।
मार्केट बंद होते ही LIC के शेयर लगभग 4% ऊपर ₹874.95 तक पहुंच गए, जबकि इसी सत्र में कुछ बेंचमार्क इंडेक्स में भी मजबूती देखी गई। यह उछाल न केवल तिमाही मुनाफे में सुधार की वजह से आया, बल्कि एक ऐसी स्थिति में आया जब पहले कुछ सत्रों में स्टॉक थोड़ी कमजोरी दिखा रहा था।
LIC के शेयरों में 8% तक की तेजी देखने को मिली है, जो निवेशकों में विश्वास की मजबूत वापसी को दर्शाती है। कुछ बाजार विश्लेषक मानते हैं कि बेहतर प्रीमियम संग्रह, मजबूत सॉल्वेंसी स्थिति और कंपनी की दीर्घकालिक क्षमता ने निवेशकों को आकर्षित किया है।
शेयर प्राइस की स्थिति और बाजार रुझान
2022 में देश के इतिहास में सबसे बड़े IPO में से एक के रूप में लिस्टिंग के बाद LIC का शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखा गया है। IPO के समय शेयर की कीमत लगभग ₹949 थी, लेकिन शेयर ने पिछले कुछ वर्षों में 52-सप्ताह की ऊँचाई और नीचाई दोनों को छुआ है। कुछ समय पहले शेयर अपने IPO स्तर से नीचे भी कारोबार कर चुका है, जो बाजार की अस्थिरता और व्यापक आर्थिक कारकों को दर्शाता है।
इसके बावजूद, Q3 में लाभ में सुधार और बेहतर प्रीमियम प्रवाह की वजह से निवेशकों का नजरिया बदल रहा है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि LIC अपने प्रोडक्ट मिक्स का संतुलन बेहतर बनाता है और उच्च-मार्जिन व्यवसाय को बढ़ाता है, तो शेयर में और वृद्धि की संभावना बनी रहेगी।
सरकार की नीतियां और भविष्य की संभावनाएं
सरकार LIC में अपनी हिस्सेदारी कम करने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। कहा जा रहा है कि सरकारी हिस्सेदारी में एक और FPO (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर) लाने की योजना है, जिससे सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ेगी और संस्थागत निवेशकों के लिए स्टॉक और आकर्षक बन सकता है। यह कदम सरकार के विस्तारित परिसंपत्ति मोनेटाइजेशन लक्ष्य का हिस्सा भी माना जा रहा है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि LIC को दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धा से निपटने के लिए प्रोडक्ट इन्नोवेशन, मजबूत मार्केटिंग रणनीति और इक्विटी निवेश प्रबंधन में सतर्कता बरतनी होगी। यदि ये पहल सफल होती हैं, तो LIC के शेयर मूल्य में स्थिर और सकारात्मक वृद्धि की उम्मीद की जा सकती है।
निवेशक क्या देखें
लाभ में वृद्धि और प्रीमियम संग्रह में मजबूती तिमाही नतीजों का सकारात्मक प्रभाव जारी
- स्टॉक मूल्य में सुधार
- उछाल के साथ बाजार भरोसा बढ़ा
- सरकारी हिस्सेदारी और FPO संभावनाएं
- सार्वजनिक निवेशकों के लिए अवसर
- दीर्घकालिक विकास तत्व प्रोडक्ट मिक्स और एजेंसी नेटवर्क
LIC का शेयर प्राइस अब फिर से निवेशकों के फोकस में है और Q3 नतीजों के दम पर शेयर ने तेजी दिखाई है। भविष्य में अगर कंपनी की नीतियां और विकास रणनीतियाँ सफल रहती हैं, तो यह स्टॉक भारतीय बाजार में निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है।

