चेन्नई। देश में जारी एलपीजी (रसोई गैस) संकट के बीच M. K. Stalin के नेतृत्व वाली Government of Tamil Nadu ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि जो होटल, चाय की दुकानें, क्लाउड किचन और अन्य खाद्य व्यवसाय एलपीजी की जगह इलेक्ट्रिक स्टोव का उपयोग करेंगे, उन्हें अतिरिक्त बिजली खपत पर प्रति यूनिट ₹2 की सब्सिडी दी जाएगी।
यह फैसला मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की अध्यक्षता में चेन्नई सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया गया। सरकार का कहना है कि यह सब्सिडी तब तक जारी रहेगी जब तक केंद्र सरकार द्वारा व्यावसायिक एलपीजी के उपयोग पर लागू प्रतिबंध या आपूर्ति में व्यवधान बना रहेगा।
पश्चिम एशिया संघर्ष से बढ़ा गैस संकट
भारत में एलपीजी संकट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव माना जा रहा है। हाल ही में United States और Israel द्वारा Iran पर किए गए हमलों और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के चलते स्थिति और गंभीर हो गई।
Read More: ‘Tateeree’ विवाद: हरियाणा महिला आयोग ने रैपर बादशाह के पासपोर्ट जब्त करने और गिरफ्तारी का दिया आदेश
इस संघर्ष के कारण महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग Strait of Hormuz को बंद कर दिया गया। यह जलमार्ग भारत के लिए बेहद अहम है क्योंकि भारत अपने कुल एलपीजी आयात का लगभग 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से प्राप्त करता है, जिसमें Saudi Arabia और Qatar जैसे देशों से आपूर्ति शामिल है।
इस स्थिति के चलते देश के कई बड़े शहरों में गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
कई शहरों में दिख रहा असर
देश के कई प्रमुख शहरों जैसे Mumbai, Bengaluru, Kolkata और Chennai में गैस की कमी की खबरें सामने आई हैं। कई होटलों और रेस्टोरेंट्स को अपने मेन्यू में कटौती करनी पड़ी है, जबकि कुछ जगहों पर लकड़ी या पारंपरिक चूल्हों का सहारा लिया जा रहा है।
हैदराबाद में प्रवासी मजदूर पुराने पंप स्टोव की मरम्मत कराकर खाना बना रहे हैं। गैस की कमी के कारण इन स्टोवों की मांग अचानक बढ़ गई है। कुछ लोग केरोसिन की जगह डीजल से भी इन स्टोवों को चलाने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकार ने उठाए कड़े कदम
गैस की कमी के बीच केंद्र सरकार ने जमाखोरी और काला बाजारी रोकने के लिए Essential Commodities Act, 1955 लागू किया है। इस कानून के तहत सरकार आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित कर सकती है। इसका उद्देश्य जमाखोरी और कृत्रिम कमी को रोकना है।
कई राज्यों में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। उदाहरण के तौर पर छत्तीसगढ़ में छापेमारी के दौरान 102 स्थानों से 741 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं मुंबई के वर्ली इलाके में भी घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों की काला बाजारी करने वाले गिरोह पर कार्रवाई की गई।
गैस की कीमतों में भी बढ़ोतरी
इस संकट के बीच रसोई गैस की कीमतों में भी वृद्धि की गई है। 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी की गई है। वहीं 19 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत लगभग ₹144 तक बढ़ गई है।
भारत में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत शहर के अनुसार लगभग ₹900 से ₹1000 के बीच है, जबकि व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत ₹1800 से ₹2200 तक पहुंच गई है।
सरकार ने घबराहट में बुकिंग से बचने की सलाह दी
पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि हाल के दिनों में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में अचानक तेज बढ़ोतरी देखी गई है। युद्ध से पहले जहां औसतन लगभग 55.7 लाख बुकिंग होती थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 75.7 लाख तक पहुंच गई है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराकर गैस की अतिरिक्त बुकिंग न करें, क्योंकि इससे सप्लाई सिस्टम पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है।
Read More: मैं माफी मांगती हू: डोनाल्ड ट्रम्प की समर्थक लॉरा लूमर ने भारत विरोधी सोशल मीडिया पोस्ट पर जताई खेद
राहत की उम्मीद
इस बीच अधिकारियों ने जानकारी दी है कि लगभग 92,000 टन एलपीजी लेकर कुछ जहाज Strait of Hormuz पार कर चुके हैं और 16-17 मार्च तक भारत पहुंचने की संभावना है। इनमें भारतीय जहाज “शिवालिक” और “नंदा देवी” भी शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन जहाजों के पहुंचने के बाद देश में एलपीजी की आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है। हालांकि तब तक कई राज्यों को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का सहारा लेना पड़ सकता है।

