नई दिल्ली। अमेरिकी फॉर-राइट एक्टिविस्ट और पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की कट्टर समर्थक Laura Loomer ने शनिवार को भारत में अपने कुछ पुराने “भारत विरोधी” सोशल मीडिया पोस्ट्स के लिए माफी मांगी। यह विवाद तब उठ खड़ा हुआ जब उनके ट्वीट्स को नस्लीय और अपमानजनक माना गया।
लूमर ने India Today Conclave में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस आलोचना का जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मुझे कुछ बातों को ट्वीट में नहीं लिखना चाहिए था। अगर मेरी टिप्पणियाँ लोगों को चोट पहुंचाई हों तो मैं इसके लिए माफी मांगती हूँ। मैं इस सप्ताह भारत में हूं और कई दिनों तक देश का भ्रमण करूंगी।”
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि H-1B वीज़ा कार्यक्रम के खिलाफ अपनी स्थिति के लिए वे माफी नहीं मांगेंगी। लूमर ने कहा, “मैं अमेरिकी हितों के लिए खड़ी रहने के अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटूंगी। हमारे इमीग्रेशन और लेबर कानूनों का गलत फायदा उठाया गया है और मैं उन अमेरिकी कामगारों के लिए लड़ती रहूंगी जो रोजगार पाने में संघर्ष कर रहे हैं।”
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विवाद की पृष्ठभूमि
लूमर के भारत आगमन के दौरान उनके पुराने ट्वीट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स फिर से वायरल हो गए। इन पोस्ट्स में भारतीयों के बारे में कड़े और अपमानजनक टिप्पणियाँ शामिल थीं, जैसे कि स्वच्छता और बुद्धिमत्ता को लेकर असंवेदनशील स्टेटमेंट। इनकी वजह से सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना हुई।
इस अवसर पर लूमर ने स्पष्ट किया कि उनके दिल में भारत या हिंदू समुदाय के प्रति कोई नफरत नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं नफरत से नहीं आती; मेरी टिप्पणियाँ अपने लोगों और अपने देश के प्रति प्यार से आती हैं। मैं भारत और हिंदुओं के प्रति घृणा नहीं रखती।”
पाकिस्तान पर आलोचना
लूमर ने पाकिस्तान की भी निंदा की और कहा कि पाकिस्तान आतंकवादी नेटवर्क का समर्थन करता है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान का सबसे बड़ा निर्यात इस्लामिक आतंकवाद है, और मेरा मानना है कि अमेरिका को पाकिस्तान सरकार के साथ घनिष्ठ संबंध नहीं रखने चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “पाकिस्तान खुले तौर पर जिहाद और शरिया समर्थक राज्य के रूप में काम करता है। दुनिया भर में कई इस्लामिक आतंकवादी हमलों के पीछे अक्सर पाकिस्तान से संबंध देखने को मिलते हैं।”
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
लूमर के भारत आगमन की जानकारी साझा करने के बाद सोशल मीडिया पर उनके पुराने पोस्ट्स तेजी से वायरल हो गए। कई यूजर्स ने आलोचना की और इसे नस्लीय टिप्पणी और अपमानजनक बताया। इस विवाद के बीच लूमर ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके इरादे किसी के प्रति नफरत या अपमान फैलाने के नहीं हैं।
अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
लूमर की ये टिप्पणियाँ उस समय सामने आई हैं जब अमेरिका, भारत और पाकिस्तान समेत कई देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक समीकरण बदल रहे हैं। H-1B वीज़ा पर उनके विचार अमेरिकी कामगारों के हित को ध्यान में रखते हुए दिए गए हैं, जबकि भारत विरोधी ट्वीट्स पर माफी उनके भारत दौरे को सहज बनाने और द्विपक्षीय संबंधों में नकारात्मक प्रभाव को कम करने का प्रयास माना जा रहा है।
लूमर की माफी एक ऐसा कदम है जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और अमेरिका के बीच सामाजिक और राजनीतिक सम्मान बनाए रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, H-1B वीज़ा पर उनकी स्थिति उनके कट्टर अमेरिकी नीतियों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। भारत में उनका दौरा और सोशल मीडिया विवाद दोनों ही वैश्विक राजनीति और सोशल मीडिया प्रभाव की जटिलताओं को उजागर करते हैं।
इस विवाद ने यह भी दिखाया कि आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर कही गई कोई भी टिप्पणी तुरंत वैश्विक स्तर पर फैल सकती है और राजनीतिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील विषयों को प्रभावित कर सकती है।
कुल मिलाकर, Laura Loomer ने अपने भारत विरोधी ट्वीट्स के लिए माफी मांगी, लेकिन H-1B वीज़ा पर अपने रुख पर अडिग रहीं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उनका उद्देश्य अमेरिकी हितों की रक्षा करना है, जबकि भारत के प्रति उनका व्यक्तिगत दृष्टिकोण सम्मानजनक बने रहने का दावा करती है।

