Haryana News : यमुना नदी में बरसात के दौरान आने वाले अतिरिक्त पानी से अब राजस्थान के रेतीले इलाकों की प्यास बुझेगी। हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान के चूरू तक भूमिगत पाइपलाइन आधारित नहर बनाने की योजना को हरी झंडी मिल गई है। राजस्थान सरकार ने डीपीआर तैयार कर हरियाणा व केंद्र सरकार को सौंप दी है। यह नहर हथिनीकुंड बैराज से चूरू तक 295.5 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन, 290 किलोमीटर हरियाणा में हिस्सा होगा।
तीन महीने ही मिलेगा पानी
परियोजना के तहत बरसात के मौसम में केवल तीन महीने ही राजस्थान को पानी दिया जाएगा। नहर की कुल लंबाई 295.5 किलोमीटर होगी, जिसमें से 290 किलोमीटर का हिस्सा हरियाणा से होकर गुजरेगा। नहर में 1900 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। नहर
हिसार के इन गांवों से गुजरेगी
यह नहर हिसार जिले के जिले में यह नहर लितानी, गैबीपुर, नया गांव, बीड़ हिसार, ढंदूर, न्योली कलां, शाहपुर, हिंदवान, पनिहार, गोरछी और गावड़ गांव से होकर गुजरेगी। इस दौरान जहां नहर का निर्माण किया जाएगा उस जगह आने वाली जमीन जिसकी होगी। उन्हें सरकार मुआवजा देगी।
निकासी प्वाइंटस इन चार जगहों पर बनेगे
मिली जानकारी के अनुसार हिसार जिले में पानी निकासी के लिए निकासी प्वाइंटस बनाए जाएंगे। अभी फिलहाल सरसाना क्रॉसिंग, दनौदा कलां, बरवाला नहर, चौधरी माइनर प्रस्तावित हैं। आवश्यकता के हिसाब से हरियाण को पानी इस्तेमाल करने की छूट है। वहीं बरसाती मौसम के 3 माह राजस्थान के लिए पानी भेजा जाएगा।
इन 6 जिलों से होकर गुजरेगी नहर
यह नहर हरियाणा के 6 जिलों से होकर गुजरेगी । वो 6 जिले हैं कैथल, हिसार, यमुनानगर, करनाल, कुरूक्षेत्र और जींद इन 6 जिलो से होकर नहर गुजरेगी।
राजस्थान करेगा निर्माण
नहर का निर्माण कार्य राजस्थान सरकार करेगी। हरियाणा सरकार केवल मार्ग उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री ने यह प्रस्ताव रखा था। दोनों राज्यों के हित में होने के कारण हरियाणा ने सहमति दे दी है। अधिकारियों का कहना है कि बरसात में यमुना का अतिरिक्त पानी बेकार बह जाता है। इस योजना से राजस्थान के चूरू, झुंझुनूं, सीकर जिलों को फायदा होगा। साथ ही हरियाणा के किसानों को भी सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा।



