
वेनेजुएला।
वेनेजुएला की राजधानी कराकास में शनिवार तड़के उस समय दहशत फैल गई, जब शहर के अलग-अलग इलाकों में एक के बाद एक जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। स्थानीय समय के मुताबिक रात करीब 2 बजे कम से कम सात तेज विस्फोट हुए, जिनसे कई इमारतों की खिड़कियां तक कांप उठीं। धमाकों के साथ ही सायरन बजने लगे और आसमान में बेहद नीचे उड़ते विमानों की आवाजों ने लोगों की घबराहट और बढ़ा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहला धमाका करीब 1:50 बजे हुआ, जिसके बाद लगातार विस्फोटों की श्रृंखला शुरू हो गई। कई इलाकों में धुएं के गुबार दिखाई दिए, खासकर शहर के दक्षिणी हिस्से में एक बड़े सैन्य अड्डे के आसपास। धमाकों के तुरंत बाद कराकास के कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई, जिससे पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। दहशत के मारे लोग घरों से बाहर सड़कों पर निकल आए।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में धमाकों की तेज आवाज, भागते लोग और आसमान में उड़ते विमान साफ नजर आ रहे हैं। कई लोगों ने बताया कि विस्फोट इतने शक्तिशाली थे कि घरों की दीवारें और खिड़कियां हिलने लगीं।
इन घटनाओं के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी। सरकार ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने नागरिक और सैन्य ठिकानों पर “सैन्य आक्रमण” किया है। सरकारी बयान में कहा गया कि देश के कई राज्यों में रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया और जनता से सतर्क रहने के साथ-साथ “राष्ट्रीय लामबंदी” का आह्वान किया गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है। हाल के दिनों में अमेरिका ने कैरिबियन क्षेत्र में अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ाई है और वेनेजुएला के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं। अमेरिका ने ड्रग तस्करी के आरोपों के तहत क्षेत्र में कई अभियानों को अंजाम देने का दावा भी किया है।
धमाकों से पहले ही अमेरिकी नागरिक उड्डयन एजेंसियों ने वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र को लेकर चेतावनी जारी की थी और अमेरिकी वाणिज्यिक उड़ानों पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद कराकास में हुए विस्फोटों ने हालात को और गंभीर बना दिया।
इस बीच, अमेरिका ने वेनेजुएला में मौजूद अपने नागरिकों के लिए कड़ी यात्रा चेतावनी जारी की है। चेतावनी में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने, हालात सामान्य होने पर देश छोड़ने और परिवार से संपर्क के वैकल्पिक साधन तैयार रखने की सलाह दी गई है। अमेरिका पहले ही कराकास में अपने दूतावास की सेवाएं बंद कर चुका है।
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने भी वेनेजुएला सरकार के बयान को साझा करते हुए अमेरिका पर गंभीर सैन्य आक्रमण का आरोप लगाया। बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है और इससे लैटिन अमेरिका व कैरिबियन क्षेत्र की शांति को खतरा पैदा हो गया है। वेनेजुएला सरकार ने आरोप लगाया कि इस कथित हमले का मकसद देश के तेल और खनिज जैसे रणनीतिक संसाधनों पर कब्जा करना है।
हालांकि बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति मादुरो ने संकेत दिए हैं कि वे अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं की तस्करी, तेल और प्रवासन जैसे मुद्दों पर किसी भी समय और किसी भी स्थान पर संवाद हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका “ड्रग्स के खिलाफ युद्ध” की आड़ में सरकार बदलने की साजिश रच रहा है।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि वेनेजुएला में ड्रग तस्करी से जुड़े एक डॉक क्षेत्र पर हमला किया गया, जहां बड़ा विस्फोट हुआ। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने नशीले पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल होने वाले कई जहाजों और ठिकानों को निशाना बनाया है।
कराकास में हुए धमाकों के बाद पूरा लैटिन अमेरिकी क्षेत्र सतर्क हो गया है। हालात तेजी से बदल रहे हैं और दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि यह संकट आगे किस दिशा में जाता है।

