नई दिल्ली। हर साल 4 फरवरी को मनाया जाने वाला World Cancer Day (विश्व कैंसर दिवस) एक बार फिर दुनिया को यह याद दिला रहा है कि कैंसर सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि एक वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती है। इस दिन का उद्देश्य कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच और इलाज के महत्व को समझाना और लाखों लोगों की जान बचाने के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करना है। साल 2026 में भी विश्व कैंसर दिवस को दुनिया भर में बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है।
World Cancer Day एक अंतरराष्ट्रीय दिवस है, जो कैंसर की रोकथाम, पहचान और उपचार को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। इसका मकसद यह बताना है कि सही जानकारी, समय पर जांच और आधुनिक इलाज से कैंसर से होने वाली मौतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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विश्व कैंसर दिवस हर साल 4 फरवरी को मनाया जाता है। 2026 में भी इस दिन दुनियाभर में सरकारी, गैर-सरकारी संगठनों, अस्पतालों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
यह दिवस पूरी दुनिया में मनाया जाता है। भारत सहित कई देशों में अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर कैंसर जागरूकता शिविर, मुफ्त जांच और सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं।
World Cancer Day की अगुवाई Union for International Cancer Control (UICC) करता है, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का भी समर्थन प्राप्त है। इसमें सरकारें, डॉक्टर, हेल्थ एक्सपर्ट्स, NGOs, कैंसर सर्वाइवर्स और आम लोग भाग लेते हैं।
कैंसर आज दुनिया में मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर जांच और सही इलाज से कैंसर के कई मामलों को रोका या नियंत्रित किया जा सकता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि
शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें
नियमित हेल्थ चेकअप कराएं
तंबाकू और शराब जैसी आदतों से दूर रहें
विश्व कैंसर दिवस के मौके पर जागरूकता अभियानों, सोशल मीडिया कैंपेन, हेल्थ टॉक्स, फ्री स्क्रीनिंग कैंप और सरकारी योजनाओं के जरिए लोगों तक सही जानकारी पहुंचाई जाती है। साथ ही कैंसर सर्वाइवर्स की कहानियों को साझा कर लोगों में उम्मीद और हौसला जगाया जाता है।
भारत में कैंसर की स्थिति
भारत में हर साल लाखों नए कैंसर मामले सामने आते हैं। मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और फेफड़ों का कैंसर सबसे आम माने जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में कैंसर से जुड़ी बड़ी समस्या लेट डायग्नोसिस यानी देर से बीमारी का पता चलना है। यही वजह है कि World Cancer Day पर समय पर जांच पर खास जोर दिया जाता है।
जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार
डॉक्टरों का मानना है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, संतुलित आहार लेकर, नियमित व्यायाम और समय-समय पर जांच से कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। महिलाओं के लिए ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग, जबकि पुरुषों के लिए तंबाकू से जुड़ी बीमारियों की जांच बेहद जरूरी मानी जाती है।
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सरकार और समाज की भूमिका
भारत सरकार भी राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कैंसर की रोकथाम और इलाज पर काम कर रही है। आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के जरिए गरीब मरीजों को इलाज की सुविधा मिल रही है। वहीं सामाजिक संगठन और NGOs भी जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
World Cancer Day 2026 हमें यह संदेश देता है कि कैंसर से लड़ाई अकेले नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों से जीती जा सकती है। सही समय पर जांच, सही जानकारी और सकारात्मक सोच से कैंसर को हराया जा सकता है। यह दिन सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि जीवन बचाने की एक मजबूत पहल है।

