Sunday, February 22, 2026

Latest Posts

मां से बिछड़े punch की कहानी वायरल: स्टफ्ड ओरंगुटान को गले लगाने वाले बेबी मंकी को अब मिला अपने ही समूह का प्यार

जापान। जापान के Ichikawa City Zoo में जन्मा छोटा सा जापानी मकाक, punch, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर दुनिया भर का ध्यान खींच चुका है। अपनी मां से दूर रह जाने के बाद पंच को अपने शुरुआती महीनों में काफी कठिन दौर से गुजरना पड़ा। वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि पंच एक स्टफ्ड ओरंगुटान खिलौने को कसकर पकड़े रहता है, जिसे ज़ू केयरटेकर्स ने उसे सांत्वना देने के लिए दिया था। यह तस्वीरें और वीडियो लोगों के दिलों को छू गईं और देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गए।

जन्म के बाद पंच अपनी मां से जुड़ाव नहीं बना

यह कई बार होता है कि कुछ बेबी प्राइमेट्स शुरुआती महीनों में पर्याप्त ‘बॉन्डिंग’ न बना पाने के कारण अपने प्राकृतिक समूह के साथ घुल-मिल नहीं पाते। पंच के मामले में भी ऐसा ही हुआ। enclosure में मौजूद अन्य मकाकों से दूरी के कारण वह अकेला रहने लगा, और उसका एकमात्र सहारा थे ज़ूकेपर और वह मुलायम ओरंगुटान टॉय, जिसे वह हर जगह साथ लेकर घूमता था।

लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। हाल में सामने आए नए वीडियो ने दुनिया भर में राहत और खुशी फैलाने वाला संदेश दिया है। पंच धीरे-धीरे अपने समूह के अन्य बंदरों के साथ जुड़ने लगा है। एक वीडियो में एक मकाक पंच को हल्के से गले लगाता दिखाई देता है, जो उनके सामाजिक व्यवहार में एक महत्वपूर्ण संकेत है। दूसरे वीडियो में पंच अन्य मकाकों को ग्रूमिंग करता नज़र आता है जो कि प्राइमेट्स के लिए दोस्ती, भरोसे और सामाजिक स्वीकृति का अहम हिस्सा है।

Also read: Nishank बने ‘चीता’, Maxwell का उड़ता कैच देख दंग रह गई दुनिया


पंच की इस सकारात्मक प्रगति पर ब्रिटेन के Trentham Monkey Forest के डायरेक्टर मैट लोवाट ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने BBC Breakfast से बातचीत में बताया कि पंच के व्यवहार में यह बदलाव बेहद उत्साहजनक है। लोवाट, जो स्टोक-ऑन-ट्रेंट के पास स्थित वन्यजीव अभयारण्य में बरबरी मकाकों की देखरेख करते हैं, ने कहा पंच का दूसरे मकाकों को ग्रूम करना देखना शानदार है, क्योंकि यही वह तरीका है जिससे ये प्राइमेट्स एक-दूसरे के साथ रिश्ते बनाते हैं। यह संकेत है कि वह अब अपने समूह में स्वीकार्यता पा रहा है।

पंच की कहानी ने लोगों के दिल को कैसे छुआ

पंच की कहानी ने इसलिए भी लोगों को छुआ, क्योंकि यह प्राइमेट्स की भावनाओं, उनके सामाजिक व्यवहार और देखभाल की ज़रूरतों को उजागर करती है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस बात पर खुशी जताई कि पंच अब अकेला नहीं है। वीडियो में उसे अपने समूह के साथ शांतिपूर्वक बैठते, खेलते और कभी-कभी हिचकते हुए बातचीत करते देखा जा सकता है—जो उसके आत्मविश्वास बढ़ने और सामाजिक कौशल विकसित होने की निशानी है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि किसी भी प्राइमेट के लिए शुरुआती महीनों का सामाजिक संपर्क बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि यह प्रक्रिया बाधित हो जाए, तो उसकी मानसिक और सामाजिक विकास की गति धीमी पड़ सकती है। पंच का केस शुरू में चुनौतीपूर्ण था, लेकिन ज़ू टीम ने लगातार देखभाल और ध्यान देकर उसे धीरे-धीरे समूह के साथ एडजस्ट करने में मदद की। स्टफ्ड टॉय भी उसके लिए एक इमोशनल सपोर्ट की तरह काम करता रहा, जब तक कि वह असली साथी पाने में सक्षम नहीं हो पाया।

नए वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट पर एक बार फिर पंच की चर्चा बढ़ गई है। कई यूजर्स ने उसके लिए दुआएं भेजीं और खुशी जताई कि अब उसे अपने जैसे साथी मिल गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पंच का आने वाला समय और भी बेहतर हो सकता है, क्योंकि अब वह प्राकृतिक सामाजिक व्यवहार सीख रहा है और अपने समूह में अपनी जगह बना रहा है।

फिलहाल पंच का विकास निगरानी में है और ज़ू टीम उसे नए चरणों में सहयोग दे रही है। उम्मीद है कि आने वाले महीनों में वह एक स्वस्थ, आत्मविश्वासी और पूरी तरह सामाजिक मकाक बनकर उभरेगा। उसकी यह भावनात्मक यात्रा इस बात की याद दिलाती है कि जानवर भी अपने संबंधों और भावनात्मक जरूरतों को इंसानों की तरह महसूस करते हैं और थोड़ा सा सहारा भी उन्हें आगे बढ़ने की बड़ी ताकत दे सकता है।


Latest Posts

Don't Miss

Stay in touch

To be updated with all the latest news, offers and special announcements.