नकदी बढ़ाने के लिए RBI का बड़ा कदम
बैंकिंग प्रणाली में नकदी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने घोषणा की है कि वह दो लाख करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करेगा। इसके साथ ही 10 अरब अमेरिकी डॉलर की डॉलर–रुपया स्वैप नीलामी भी आयोजित की जाएगी।
आरबीआई के अनुसार, ये सभी कदम खुले बाजार परिचालन (ओएमओ) के तहत उठाए जा रहे हैं और इनका उद्देश्य बैंकिंग सिस्टम में तरलता को मजबूत बनाए रखना है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि वह बाजार की परिस्थितियों पर लगातार नजर रखे हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी हस्तक्षेप करेगा।
चार चरणों में होगी ओएमओ खरीद
रिजर्व बैंक ने बताया कि कुल 2 लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद की जाएगी। प्रत्येक किस्त 50,000 करोड़ रुपये की होगी। शेष नीलामियां 5 जनवरी,12 जनवरी, 22 जनवरी को प्रस्तावित हैं। पहली किस्त 29 दिसंबर 2025 को पहले ही पूरी की जा चुकी है।
डॉलर–रुपया स्वैप नीलामी भी तय
इसके अलावा, आरबीआई 13 जनवरी 2026 को तीन वर्ष की अवधि के लिए 10 अरब अमेरिकी डॉलर की डॉलर/रुपया खरीद–बिक्री स्वैप नीलामी आयोजित करेगा।
आरबीआई के मुताबिक, यह एक सामान्य विदेशी मुद्रा स्वैप होगा, जिसके तहत बैंक रिजर्व बैंक को डॉलर बेचेंगे और तय अवधि पूरी होने पर समान मात्रा में डॉलर पुनः खरीदने पर सहमत होंगे।
पहले भी किए गए थे तरलता बढ़ाने के प्रयास
गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ने हाल ही में एक लाख करोड़ रुपये की ओएमओ खरीद और 5 अरब डॉलर की तीन वर्षीय डॉलर/रुपया स्वैप नीलामी की भी घोषणा की थी।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि मौजूदा वित्तीय और तरलता परिस्थितियों की समीक्षा के बाद ये फैसले लिए गए हैं, ताकि बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त नकदी बनी रहे और वित्तीय बाजार सुचारू रूप से काम करते रहें।

