नई दिल्ली।
देश की अग्रणी एनबीएफसी कंपनी बजाज फाइनेंस लिमिटेड एक बार फिर सुर्खियों में है। आगामी तीसरी तिमाही (Q3) के वित्तीय नतीजों से पहले कंपनी के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। निवेशकों की नजर न सिर्फ मुनाफे और ग्रोथ पर है, बल्कि प्रबंधन के आगे के मार्गदर्शन और कर्ज वितरण की रफ्तार पर भी टिकी हुई है। बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि बजाज फाइनेंस के नतीजे पूरे एनबीएफसी सेक्टर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
हाल के कारोबारी सत्रों में बजाज फाइनेंस के शेयरों में तकनीकी कमजोरी और अस्थिरता देखने को मिली है। वैश्विक बाजारों के दबाव, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और घरेलू शेयर बाजार में मुनाफावसूली का असर कंपनी के स्टॉक पर पड़ा है। हालांकि, दीर्घकालिक निवेशकों का भरोसा अब भी कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल और ब्रांड वैल्यू पर बना हुआ है।
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वित्तीय मोर्चे पर बात करें तो पिछली तिमाहियों में बजाज फाइनेंस का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। कंपनी ने लगातार नेट प्रॉफिट और कुल आय में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की है। रिटेल लोन, पर्सनल लोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल फाइनेंस और एसएमई सेगमेंट में कंपनी की पकड़ मजबूत बनी हुई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऐप के जरिए लोन अप्रूवल की तेज प्रक्रिया ने ग्राहकों की संख्या में भी इजाफा किया है।
हालांकि, बाजार की चिंता का एक बड़ा कारण एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ग्रोथ को लेकर सामने आया संकेत है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा और फंडिंग लागत में संभावित बढ़ोतरी से कंपनी की ग्रोथ रफ्तार पर हल्का असर पड़ सकता है। इसके बावजूद, कंपनी का प्रबंधन आश्वस्त है कि विविध पोर्टफोलियो और जोखिम प्रबंधन की मजबूत नीति से भविष्य की चुनौतियों का सामना किया जाएगा।
बजाज समूह की सहयोगी इकाई बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयरों में भी हाल के दिनों में दबाव देखा गया है, जिसका अप्रत्यक्ष असर बजाज फाइनेंस के निवेशक सेंटिमेंट पर पड़ा है। तिमाही नतीजों से पहले बाजार में सतर्कता का माहौल है और कई निवेशक “वेट एंड वॉच” की रणनीति अपना रहे हैं।
डिजिटल और टेक्नोलॉजी पर फोकस बजाज फाइनेंस की बड़ी ताकत माना जाता है। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के जरिए क्रेडिट असेसमेंट और कस्टमर एक्सपीरियंस को बेहतर बना रही है। यही वजह है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में भी कंपनी का विस्तार तेजी से हुआ है। आने वाले समय में डिजिटल लेंडिंग और को-ब्रांडेड प्रोडक्ट्स पर और जोर दिए जाने की उम्मीद है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि Q3 नतीजों के बाद शेयरों में तेज मूवमेंट देखने को मिल सकता है। यदि मुनाफा और लोन ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रहती है, तो स्टॉक में मजबूती लौट सकती है। वहीं, अगर मार्गदर्शन कमजोर रहा तो अल्पकाल में दबाव बना रह सकता है।
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निवेशकों के लिए यह समय सावधानी और समझदारी से फैसले लेने का है। दीर्घकालिक नजरिए से बजाज फाइनेंस को अब भी एक मजबूत फाइनेंशियल स्टोरी माना जा रहा है, लेकिन अल्पकाल में बाजार की अस्थिरता से इनकार नहीं किया जा सकता।
बजाज फाइनेंस इस वक्त नतीजों की दहलीज पर खड़ा है। तिमाही आंकड़े न सिर्फ कंपनी के शेयरों की दिशा तय करेंगे, बल्कि पूरे एनबीएफसी सेक्टर के लिए भी संकेतक साबित हो सकते हैं। निवेशक और बाजार अब बेसब्री से आधिकारिक नतीजों और प्रबंधन की रणनीति का इंतजार कर रहे हैं।

