नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा 2026 (Pariksha Pe Charcha 2026) कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से सीधा संवाद किया। यह बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम राजधानी नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जिसमें देश-विदेश से चयनित छात्रों ने भाग लिया। परीक्षा के तनाव, करियर की चिंता, समय प्रबंधन, डिजिटल डिस्ट्रैक्शन और आत्मविश्वास जैसे विषयों पर प्रधानमंत्री ने खुलकर बात की और छात्रों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परीक्षा जीवन का अंत नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे खुद की तुलना दूसरों से न करें और अपनी क्षमताओं को पहचानें। पीएम मोदी ने कहा कि असफलता डरने की चीज नहीं है, बल्कि यह आगे बढ़ने की सीख देती है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे पढ़ाई को बोझ न बनाएं, बल्कि उसे जिज्ञासा और आनंद के साथ अपनाएं।
प्रधानमंत्री ने समय प्रबंधन को सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल, योग और रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी समय निकालना जरूरी है। उन्होंने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा की और छात्रों से कहा कि तकनीक का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार करें, न कि खुद को उसका गुलाम बनाएं। पीएम मोदी ने ध्यान और मेडिटेशन को मानसिक शांति के लिए बेहद उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के दौरान माता-पिता और शिक्षकों के लिए भी विशेष संदेश दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उनकी रुचियों व क्षमताओं को समझें। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की तुलना अंकों से नहीं, बल्कि उनके प्रयासों से करें। शिक्षकों को उन्होंने “रोल मॉडल” बताते हुए कहा कि शिक्षक अगर तनावमुक्त रहेंगे, तो छात्र भी बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।
परीक्षा पे चर्चा 2026 में छात्रों ने करियर चयन, बोर्ड परीक्षा की तैयारी, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की योजनाओं से जुड़े सवाल पूछे। पीएम मोदी ने हर सवाल का सरल और प्रेरणादायक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य बड़ा रखें, लेकिन रास्ते छोटे-छोटे कदमों से तय करें। आत्मविश्वास और अनुशासन को उन्होंने सफलता का मूल मंत्र बताया।
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कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर किया गया। सोशल मीडिया पर #ParikshaPeCharcha2026 ट्रेंड करता रहा और लाखों छात्रों ने इसे लाइव देखा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्यक्रम छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है।

