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Narak Chaturdashi की रात को क्या करें और हिंदू धर्म में इसका क्या महत्व है जाने

Narak Chaturdashi 2024: इस त्यौहार का हिंदू धर्म (Hindu Religious) में बहुत ही महत्व है. इसको कई नाम से जाना जाता है जैसा कि छोटी दीवाली, रूप चौदस इत्यादि नामों से। अब दिवाली का त्यौहार...

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Narak Chaturdashi की रात को क्या करें और हिंदू धर्म में इसका क्या महत्व है जाने

Narak Chaturdashi 2024: इस त्यौहार का हिंदू धर्म (Hindu Religious) में बहुत ही महत्व है. इसको कई नाम से जाना जाता है जैसा कि छोटी दीवाली, रूप चौदस इत्यादि नामों से।

अब दिवाली का त्यौहार शुरू हो रहा है और दिवाली का त्यौहार लगभग 5 दिनों तक चलता है इसे लोग बड़ी धूमधाम से मनाते हैं. दिवाली का त्यौहार हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है।

यह त्योहार दिवाली से 1 दिन पहले आता है. ऐसी मान्यता है कि यदि इस दिन शाम को नर्क के देवता यमराज की पूजा करें तो हमें उनसे मुक्ति मिल सकती है लेकिन वास्तव में हम समझने की कोशिश करें व्यक्ति के कर्म ही उसके स्वर्ग और नरक का द्वार खोलते हैं और व्यक्ति को एक स्वतंत्र रूप से जीना चाहिए और मृत्यु का कोई भय नहीं करना चाहिए।

यह भी पढ़े: राम लला मंदिर में कुछ ऐसे हुई है प्राण प्रतिष्ठा जाने क्यों की जाती है प्राण प्रतिष्ठा

छोटी दीपावली के दिन करें यह काम

इस दिन लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं तथा जो घर में बेकार का समान होता है या टूटा फूटा समान होता है उसको बाहर निकाल देते हैं। दूसरी मान्यता यह भी है कि लोग इस दिन स्नान करके अपने माथे पर तिलक लगाते हैं और यमराज देवता को खुश रखने के लिए उसकी पूजा की जाती है और ऐसा माना जाता है कि इस दिन हनुमान का भी जन्म हुआ था और यदि इस दिन हनुमान का भी पूजा पाठ करें तो घर में सुख समृद्धि का वास होता है और इस दिन 14 दीपक जलाए जाते हैं।

छोटी दीपावली से जुड़ी कुछ कथाएं

और इसी कारण से भी यह दिन मान्य है और दूसरी मान्यता यह है कि लोग यमराज को खुश करने के लिए इस दिन को मनाते हैं कि ताकि उन्हें नर्क में जगह ना मिले।

यह दिन धनतेरस के बाद मनाया जाता है और इसके अगले दिन बाद दिवाली बनाई जाती है।

हिंदू धर्म में दीवाली का महत्त्व

हिंदू धर्म में इस त्यौहार को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है ऐसा माना जाता है कि इस दिन श्री राम ने रावण का वध करके सीता को वापस लेकर अयोध्या लौटे थे। जिसकी खुशी में लोगों ने उनके स्वागत के लिए अपनी पूरी नगरी को दीयों से सजा दिया था और तब से लेकर अब तक हिंदू धर्म के लोग इस त्यौहार को धूमधाम से मनाते हैं।

इस त्यौहार के दिन अयोध्या नगरी श्री राम का भी अयोध्या में धूमधाम से त्यौहार मनाया जाता है।

श्री राम लला का मंदिर का कार्य हुआ पूरा और हुई प्राण प्रतिष्ठा

अयोध्या नगरी उत्तर प्रदेश में है और यहां पर राम मंदिर भी है. जहां पर लगभग 500 सालों से राम मंदिर और बाबरी मस्जिद का झगड़ा चला हुआ था परंतु 22 जनवरी 2024 का दिन श्री राम लला के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का दिन था और बड़ी ही धूम धाम से बड़े संत महात्माओं और कलाकारों के सामने यह समारोह पूरा हुआ है।

काफी समय के बाद श्री राम को न्याय मिला और अब वहां राम मंदिर बनकर पूरा हुआ है जिसके लिए अब लाखो लोग दर्शन करने आ रहे है।

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