कैथल। सुहागिन महिलाओं के प्रमुख पर्व करवाचौथ को लेकर कैथल जिले में उत्साह का माहौल है। आज, 29 अक्टूबर को महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ व्रत रखेंगी। पर्व को लेकर महिलाओं ने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार महिलाएं दिनभर व्रत रखकर शाम को पूजा-अर्चना करेंगी और चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलेंगी।
कैथल के बाजारों में खरीदारी की रौनक
करवाचौथ से पहले कैथल और आसपास के कस्बों के बाजारों में खरीदारी का उत्साह देखने को मिला। साड़ी, सूट, चूड़ियों, कंगन, बिंदी, मेहंदी और शृंगार के सामान की दुकानों पर महिलाओं की आवाजाही बढ़ी। पूजा की थाली, करवा, छलनी और अन्य पूजन सामग्री भी खरीदारी के प्रमुख सामानों में शामिल रही।
- कपड़ों की दुकानों पर रौनक: महिलाएं व्रत के लिए पारंपरिक साड़ियों, सूटों और मैचिंग परिधानों की खरीदारी करती नजर आईं।
- चूड़ियों और शृंगार सामग्री की मांग: चूड़ियां, बिंदी, कंगन और अन्य शृंगार के सामान महिलाओं की पसंद बने रहे।
- मेहंदी और ब्यूटी पार्लरों में तैयारियां: कई महिलाओं ने मेहंदी लगवाने, फेशियल, मेकअप और हेयर स्टाइल के लिए पहले से बुकिंग करवाई।
सरगी से लेकर चंद्र दर्शन तक निभाई जाएगी परंपरा
करवाचौथ पर महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करती हैं। इसके बाद दिनभर निर्जला व्रत रखा जाता है। शाम को महिलाएं पूजा-अर्चना करती हैं और करवाचौथ की कथा सुनती हैं। रात में चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है। इस दौरान पारंपरिक परिधान और सोलह शृंगार पर्व की खास पहचान बने रहते हैं।
मिठाइयों और पारंपरिक पकवानों की भी रहती है मांग
करवाचौथ के अवसर पर पूजा और व्रत की तैयारियों के साथ घरों में पकवान बनाने की तैयारी भी की जाती है। मिठाइयों और अन्य पारंपरिक खाद्य पदार्थों की खरीदारी त्योहार की रौनक को बढ़ाती है। परिवारों में पर्व को लेकर खास उत्साह रहता है और महिलाएं पूजा की थाली सजाने से लेकर चंद्र दर्शन की तैयारियों तक विभिन्न परंपराओं का पालन करती हैं।
आस्था और पारिवारिक रिश्तों से जुड़ा पर्व
करवाचौथ केवल व्रत का दिन नहीं, बल्कि परिवारों में प्रेम, विश्वास और पारिवारिक जुड़ाव का प्रतीक भी माना जाता है। महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। त्योहार के अवसर पर घरों में उत्सव जैसा माहौल रहता है और परिवार के सदस्य भी तैयारियों में सहयोग करते हैं।
कैथल में करवाचौथ को लेकर बाजारों की चहल-पहल और महिलाओं की तैयारियां पर्व के प्रति उत्साह को दर्शाती हैं।
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