पटना। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 साल की उम्र में निधन हो गया। अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग के दौरान घायल हुए थे और उन्हें इलाज के लिए न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 7 जनवरी को अस्पताल में ही उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनकी मौत हो गई।
इस दुखद खबर की जानकारी अनिल अग्रवाल ने रात करीब 10 बजे सोशल मीडिया पर दी। उन्होंने लिखा, “हमें लगा था कि बुरा वक्त बीत चुका है, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अचानक आए कार्डियक अरेस्ट ने हमारे बेटे को हमसे छीन लिया। यह हमारे जीवन का सबसे कठिन और अंधकारमय दिन है।” उन्होंने आगे बताया कि वे अपने बेटे के लिए किए वादे के अनुसार अपनी निजी कमाई का 75% हिस्सा दान करेंगे।
अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर अपने बेटे के साथ कई यादगार तस्वीरें भी साझा कीं। उन्होंने अग्निवेश को खिलाड़ी, संगीतकार और दयालु स्वभाव वाला लीडर बताया। परिवार की अन्य तस्वीरों में अनिल अग्रवाल, उनकी पत्नी किरण, बेटी प्रिया और अग्निवेश के साथ परिवार के अन्य सदस्य डिनर टेबल पर नजर आ रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया और X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, अग्निवेश अग्रवाल का असामयिक निधन अत्यंत चौंकाने वाला और दुखदायी है। प्रार्थना है कि आप और आपका परिवार निरंतर शक्ति एवं साहस प्राप्त करें।
अग्निवेश का जीवन और करियर
अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई अजमेर के मेयो कॉलेज से की। उनकी शादी पूजा बांगर से हुई थी, जो श्री सीमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर हरि मोहन बांगर की बेटी हैं। उनकी बहन प्रिया अग्रवाल हेब्बर हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन और वेदांता में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं।
अग्निवेश वेदांता की तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड में थे और 2019 तक हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के चेयरमैन भी रहे। उनके नेतृत्व में माइनिंग तकनीक को मॉडर्न बनाया गया, जिसे आज अंतरराष्ट्रीय मानक माना जाता है। उन्होंने फुजैराह गोल्ड की स्थापना में भी अहम भूमिका निभाई, जो यूएई में स्थित सोने और चांदी की एक बड़ी रिफाइनरी है। इसके अलावा, अग्निवेश कई कंपनियों के निदेशक भी रहे हैं।

