चंडीगढ़।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में सर्व शिक्षा अभियान (SSA) के तहत कार्यरत करीब 700 शिक्षकों के नियमितीकरण से जुड़े आदेश पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की पीठ ने चंडीगढ़ प्रशासन की अपील पर पारित किया।
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डिवीजन बेंच ने 14 नवंबर को सिंगल बेंच द्वारा दिए गए फैसले के प्रभाव और क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की अंतिम सुनवाई के लिए 25 मार्च की तारीख तय की गई है। इस आदेश के चलते शिक्षकों के नियमितीकरण से संबंधित सभी निर्देश फिलहाल स्थगित रहेंगे।
गौरतलब है कि सिंगल बेंच ने अपने फैसले में कहा था कि वर्ष 2005 से लगातार सेवा दे रहे इन शिक्षकों का चयन निर्धारित पदों पर हुआ था, इसलिए पदों की कमी या नियमितीकरण नीति के अभाव के आधार पर उन्हें नियमितीकरण से वंचित नहीं किया जा सकता।
यह मामला अरविंद राणा और अन्य शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई के बाद सामने आया था, जिसमें उन्होंने गृह मंत्रालय (MHA) के वर्ष 2021 के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें चंडीगढ़ प्रशासन के नियमितीकरण प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया था।
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अपील में चंडीगढ़ प्रशासन ने तर्क दिया कि SSA एक केंद्र प्रायोजित योजना है और इसके पदों का नियमित यूटी शिक्षक कैडर में कभी विलय नहीं हुआ। प्रशासन के अनुसार, किसी स्पष्ट नीति या स्वीकृत पदों के अभाव में याचिकाकर्ता नियमितीकरण का कानूनी अधिकार नहीं जता सकते।
हाईकोर्ट ने माना कि मामला और विचार की मांग करता है, जिसके चलते नोटिस जारी करते हुए सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगाई गई है।

