नई दिल्ली।
भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को एक नई दिशा मिलती दिखाई दे रही है। भारत के शीर्ष नेतृत्व और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई अहम बातचीत के बाद मेड इन इंडिया उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की गई है। इस फैसले को भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
इस संबंध में जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत करना सुखद रहा और यह निर्णय भारत के 1.4 अरब लोगों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। भारत की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति को इस अहम घोषणा के लिए धन्यवाद दिया गया है। माना जा रहा है कि इस फैसले से भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बड़ी राहत मिलेगी और भारत से बने उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और मजबूत होगी।
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बयान में यह भी कहा गया कि जब दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश मिलकर काम करते हैं, तो इसका सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचता है। भारत और अमेरिका का सहयोग न केवल व्यापार तक सीमित है, बल्कि यह वैश्विक स्थिरता, शांति और समृद्धि को भी मजबूती देता है।
टैरिफ में कटौती से टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे क्षेत्रों को बड़ा फायदा मिल सकता है। ‘मेड इन इंडिया’ अभियान को इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिलेगी तथा भारतीय उद्योगों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
बयान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व की भी सराहना की गई है। कहा गया कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए ट्रंप का नेतृत्व बेहद महत्वपूर्ण है और भारत उनके शांति प्रयासों का पूरा समर्थन करता है। यह संकेत देता है कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि कूटनीतिक और वैश्विक मुद्दों पर भी मजबूत हो रही है।
भारत-अमेरिका संबंधों की बात करें तो बीते वर्षों में दोनों देशों ने रक्षा, तकनीक, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को लगातार आगे बढ़ाया है। व्यापारिक मोर्चे पर टैरिफ में यह कटौती दोनों देशों के बीच भरोसे और सहयोग का नया अध्याय जोड़ती है।
आने वाले समय में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौतों पर और तेज़ी से काम हो सकता है। इससे न केवल द्विपक्षीय व्यापार बढ़ेगा, बल्कि निवेश, रोजगार और तकनीकी साझेदारी को भी बल मिलेगा।
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अपने संदेश के अंत में यह भी कहा गया कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर भारत-अमेरिका साझेदारी को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक ले जाने की इच्छा है। दोनों देशों के नेतृत्व के बीच सीधा संवाद और आपसी समझ आने वाले समय में वैश्विक मंच पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है।
मेड इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ घटाने का यह फैसला भारत के निर्यात, उद्योग और अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जो भारत-अमेरिका रिश्तों को और मजबूत करेगा।

