कलासो देवी। कैथल
डीसी अपराजिता ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को बैंकों के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है।
Read More: IRS अधिकारी की बेटी की हत्या में गला दबाकर की गई हत्या की पोस्टमॉर्टम से पुष्टि
यह योजना हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से संचालित की जा रही है। इसके तहत महिलाएं डेयरी, छोटे उद्योग, सेवा क्षेत्र और स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न कार्य शुरू कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि परिवहन सेवाओं के अंतर्गत ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, थ्री-व्हीलर और टैक्सी, जबकि सेवा क्षेत्र में ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, फोटोस्टेट, फूड स्टॉल, टिफिन सर्विस, आचार-पापड़ निर्माण, बिस्कुट व आइसक्रीम यूनिट जैसे कार्य शामिल हैं।
इस योजना के तहत समय पर ऋण की किस्त चुकाने पर तीन वर्षों तक 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से दिया जाएगा, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से काफी राहत मिलेगी।
हरियाणा महिला विकास निगम की जिला प्रबंधक कंचन बाला ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाएं और आत्मनिर्भर बनें। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए हरियाणा महिला विकास निगम के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
योजना के लिए पात्रता नियम
योजना का लाभ लेने के लिए महिला हरियाणा की स्थायी निवासी होनी चाहिए और उसकी वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी आवश्यक है। आवेदन के समय महिला की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा वह किसी बैंक ऋण की डिफॉल्टर नहीं होनी चाहिए।
Read More: West Bengal Election 2026: पहले चरण में 78% से ज्यादा मतदान
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
योजना के लिए आवेदन करते समय परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, प्रशिक्षण या अनुभव प्रमाण पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की दो-दो प्रतियां जमा करवानी होंगी।

