Monday, February 16, 2026

Latest Posts

आयकर विभाग का EFI को ₹4.62 करोड़ का नोटिस, 30 दिन में भुगतान का आदेश

नई दिल्ली। आयकर विभाग ने Equestrian Federation of India (EFI) को आकलन वर्ष 2024-25 के लिए ₹4.62 करोड़ की मांग का नोटिस जारी किया है। यह नोटिस आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 156 के तहत 9 फरवरी 2026 को जारी किया गया। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, EFI को ₹4,62,18,102 की राशि 30 दिनों के भीतर अधिकृत बैंक में जमा कराने का निर्देश दिया गया है।

यह पहली बार है जब राष्ट्रीय घुड़सवारी महासंघ को इस तरह का कर मांग नोटिस मिला है, जिससे खेल प्रशासन और वित्तीय अनुपालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

दस्तावेजों में देरी बनी कारण

EFI के चार्टर्ड अकाउंटेंट ने महासंघ के पदाधिकारियों को कुछ जरूरी अनुपालन दस्तावेज समय पर जमा कराने के लिए कहा था। इनमें ‘नॉन-यूटिलाइजेशन/अक्यूम्युलेशन सर्टिफिकेट’ (Accumulation Certificate) प्रमुख था। यह प्रमाणपत्र किसी संस्था द्वारा अपनी आय को भविष्य में उपयोग के लिए सुरक्षित रखने और वर्तमान वर्ष में कर से छूट पाने हेतु दाखिल किया जाता है।

EFI के महासचिव कर्नल जयवीर सिंह ने बताया कि कार्यकारी समिति (EC) के सदस्यों के हस्ताक्षर सहित यह प्रमाणपत्र आयकर विभाग में जमा किया जाना था, लेकिन आवश्यक अनुमोदन और दस्तावेजी प्रक्रिया में देरी के कारण इसे समय पर प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

उन्होंने कहा,यह प्रमाणपत्र सभी ईसी सदस्यों द्वारा स्याही से हस्ताक्षरित होना जरूरी था। इसे जमा न कर पाने के कारण यह मांग पत्र जारी हुआ है। आयकर नियमों के प्रावधानों के तहत उपलब्ध उपाय अपनाए जाएंगे।

CBDT की मंजूरी भी नहीं मिली

EFI सूत्रों के मुताबिक, आयकर अधिनियम की धारा 11 से जुड़े प्रावधानों के तहत कुछ विदेशी लेनदेन के मामलों में Central Board of Direct Taxes (CBDT) से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होता है।

बताया गया है कि संबंधित वित्तीय वर्ष के दौरान विदेशी भुगतान—जैसे संबद्धता शुल्क, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी व्यय और अन्य वैश्विक प्रतिबद्धताओं—के लिए अनिवार्य CBDT स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई।

EFI एक राष्ट्रीय खेल महासंघ है, जो युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ तथा अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी संगठनों से संबद्ध है। ऐसे में विदेशी प्रेषण (overseas remittances) उसकी नियमित गतिविधियों का हिस्सा हैं।

ब्याज और जुर्माने की चेतावनी

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर आयकर अधिनियम की धारा 220(2) के तहत प्रति माह या उसके हिस्से पर एक प्रतिशत साधारण ब्याज लगाया जाएगा।

इसके अलावा, धारा 221 के तहत बकाया कर राशि पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है, जो कर की कुल देनदारी तक हो सकता है। हालांकि, इससे पहले संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर दिया जाएगा।

आयकर विभाग ने यह भी कहा है कि यदि समयसीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो वसूली की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

अपील का विकल्प खुला

यदि EFI इस आकलन को चुनौती देना चाहता है, तो वह नोटिस प्राप्ति के 30 दिनों के भीतर नेशनल फेसलेस अपील सेंटर में अपील दायर कर सकता है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

खेल प्रशासन पर असर?

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश में खेल संघों की वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर अनुपालन दस्तावेज जमा न करना किसी भी संस्था के लिए महंगा साबित हो सकता है।

हालांकि, EFI ने संकेत दिया है कि वह उपलब्ध कानूनी उपायों का सहारा लेगा और स्थिति को सुलझाने की कोशिश करेगा। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि महासंघ भुगतान करता है या अपील दायर कर मामले को आगे बढ़ाता है।

फिलहाल, ₹4.62 करोड़ की यह मांग भारतीय खेल प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय और कानूनी घटनाक्रम के रूप में देखी जा रही है।

Latest Posts

Don't Miss

Stay in touch

To be updated with all the latest news, offers and special announcements.