जयपुर।
राजधानी जयपुर में तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक बार फिर इंसानी जान की कीमत ले ली। मानसरोवर के भीड़भाड़ वाले इलाके में शुक्रवार रात रेसिंग कर रही एक ऑडी कार ने सड़क किनारे खड़े फूड स्टॉल्स में घुसकर तबाही मचा दी। करीब 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही ऑडी Q7 बेकाबू होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर सीधे लोगों की भीड़ में जा घुसी। इस दर्दनाक हादसे में 16 लोग घायल हो गए, जबकि एक युवक की मौत हो गई। चार घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
हादसा पत्रकार कॉलोनी थाना क्षेत्र के खरबास सर्किल के पास रात करीब 9:30 बजे हुआ। उस वक्त सड़क किनारे खाने-पीने की थड़ियों पर करीब 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे। अचानक तेज आवाज के साथ ऑडी ने एक के बाद एक 10 से ज्यादा स्टॉल्स को टक्कर मार दी। कार की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि 100 मीटर तक सब कुछ रौंदते हुए वह आखिरकार एक पेड़ से टकराकर रुकी।
घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें ऑडी कार को तेज रफ्तार में फूड स्टॉल्स को टक्कर मारते देखा जा सकता है। फुटेज में साफ नजर आता है कि कार नियंत्रण से बाहर थी और लगातार लोगों को चपेट में लेती चली गई। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग पुलिस के पहुंचने से पहले ही घायलों को बचाने और अस्पताल पहुंचाने में जुट गए।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ऑडी कार एक अन्य वाहन के साथ रेसिंग कर रही थी। मौके से पकड़े गए कार सवार पप्पू ने बताया कि ऑडी चूरू निवासी दिनेश रणवां चला रहा था। कार में कुल चार लोग सवार थे। रेस के दौरान ऑडी डिवाइडर से टकराई, जिसके बाद पीछे चल रही कार वापस लौट गई, जबकि ऑडी ने सड़क किनारे लगी थड़ियों की ओर रुख कर लिया।
नशे में थे कार सवार, इंश्योरेंस भी नहीं
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार में सवार चारों लोग नशे में थे। हैरानी की बात यह है कि इतनी महंगी ऑडी कार का इंश्योरेंस तक नहीं था। परिवहन विभाग की जांच में सामने आया कि गाड़ी का टैक्स जमा था, लेकिन इंश्योरेंस नहीं कराया गया था। कार दमन-दीव स्थित श्री रामकृष्ण चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही है।
एक की मौत, जिंदगी और मौत से जूझ रहीं कई जिंदगियां
हादसे में घायल सभी लोगों को जयपुरिया अस्पताल ले जाया गया, जहां भीलवाड़ा निवासी रमेश बैरवा को मृत घोषित कर दिया गया। रमेश सड़क किनारे एक फूड स्टॉल पर हेल्पर का काम करता था। चार गंभीर घायलों को एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया है, जिनमें से एक की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
ऑडी में ड्राइवर के अलावा एक जयपुर पुलिस का कॉन्स्टेबल भी सवार था। हादसे के बाद भीड़ ने कार में बैठे एक युवक को पकड़ लिया और गुस्साए लोगों ने उसके साथ मारपीट भी की। वहीं, मुख्य आरोपी ड्राइवर दिनेश रणवां और पुलिस कॉन्स्टेबल समेत दो लोग अब तक फरार हैं। पुलिस ने अब तक दो लोगों को हिरासत में लिया है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों के एंगल बदले गए और मौके से सबूत हटाए गए। इस पूरे मामले की जांच के लिए एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
सवालों के घेरे में सिस्टम
इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं-क्या शहर की सड़कों पर रेसिंग करने वालों पर सख्ती नाकाफी है, बिना इंश्योरेंस, नशे में ड्राइविंग और पुलिसकर्मी की मौजूदगी जैसे तथ्य इस मामले को और गंभीर बना रहे हैं। फिलहाल पुलिस का कहना है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन पीड़ित परिवारों के लिए यह हादसा जिंदगी भर का जख्म बन चुका है।

