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मोहाली की कृतिका चौधरी ने UPSC में हासिल की 312वीं रैंक, कड़ी मेहनत और अनुशासन से पाया लक्ष्य

मोहाली। शहर की 26 वर्षीय कृतिका चौधरी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 312वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया है। कृतिका का यह दूसरा प्रयास था और लगातार मेहनत, सही रणनीति और परिवार के सहयोग से उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। हिंदुस्तान एकता से विशेष बातचीत में कृतिका ने अपनी तैयारी, चुनौतियों और सफलता के पीछे की रणनीति साझा की।

कड़ी मेहनत और अनिश्चितता सबसे बड़ी चुनौती

कृतिका बताती हैं कि UPSC की तैयारी के दौरान सबसे बड़ी चुनौती रोजाना लंबे समय तक पढ़ाई करना और परिणाम को लेकर बनी रहने वाली अनिश्चितता थी। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन करीब 10 घंटे पढ़ाई करना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने खुद से यह वादा किया था कि अपनी तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ेंगी। उनका कहना है कि उन्होंने हमेशा कर्म पर ध्यान दिया और यही सोचकर तैयारी की कि जो भी परिणाम आएगा, उसे खुशी-खुशी स्वीकार करेंगी।

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दूसरे प्रयास में मिली सफलता

कृतिका का यह दूसरा प्रयास था। इस बार उन्होंने अपनी रणनीति बदलते हुए पूरा फोकस प्रीलिम्स पर रखा। उन्होंने पिछले लगभग 18 वर्षों के प्रश्नपत्रों (PYQ) को हल किया और पहले से पढ़े हुए विषयों को बार-बार दोहराया। कोचिंग संस्थान से मिली पुस्तकों से उन्होंने अपने नोट्स तैयार किए और उनमें अतिरिक्त जानकारी जैसे डेटा और उद्धरण भी शामिल किए ताकि उत्तर अधिक प्रभावी बन सकें।

ऑप्शनल विषय चुनने में आत्मविश्वास जरूरी
ऑप्शनल विषय चुनने को लेकर कृतिका का मानना है कि वही विषय चुनना चाहिए जिसमें आपकी मजबूत पकड़ हो। उन्होंने कहा कि जिस विषय में समझ स्पष्ट हो और जिसमें आपको पूरा विश्वास हो कि आप अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, वही विषय चुनना बेहतर रहता है।

मेन परीक्षा के लिए उत्तर लेखन का अभ्यास

मेन परीक्षा की तैयारी के लिए कृतिका ने नियमित रूप से टेस्ट सीरीज दी। वह अपने उत्तरों की तुलना टॉपर्स के उत्तरों से करती थीं ताकि सुधार किया जा सके। उन्होंने बताया कि वह अपने उत्तरों में फ्लोचार्ट और डायग्राम का उपयोग करती थीं, जिससे उत्तर अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनते थे। साथ ही उन्होंने समय प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया ताकि परीक्षा के दौरान सभी प्रश्न पूरे किए जा सकें।

करेंट अफेयर्स के लिए नियमित अखबार पढ़ना जरूरी

करेंट अफेयर्स की तैयारी के लिए कृतिका रोजाना समाचार पत्र पढ़ने की सलाह देती हैं। तैयारी के दौरान वह नियमित रूप से अखबार पढ़ती थीं और इंटरव्यू के समय उन्होंने तीन समाचार पत्रों का अध्ययन किया। उनका मानना है कि देश-दुनिया में क्या हो रहा है, इसकी जानकारी रखना UPSC की तैयारी के लिए बेहद जरूरी है।

रिवीजन की खास रणनीति

कृतिका ने अपनी तैयारी के दौरान कई बार रिवीजन किया। तीन से चार बार पढ़ने के बाद उन्होंने अपने नोट्स को छोटा और अधिक संक्षिप्त बना लिया ताकि उन्हें जल्दी पढ़ा जा सके और याद रखना आसान हो। उन्होंने उन विषयों के लिए खास तौर पर छोटे और स्पष्ट नोट्स बनाए जिनके भूलने की संभावना अधिक होती थी।

इंटरव्यू की तैयारी में रिसर्च का सहारा

इंटरव्यू की तैयारी के बारे में कृतिका बताती हैं कि उन्होंने अपना डिटेल्ड एप्लीकेशन फॉर्म (DAF) बहुत सोच-समझकर भरा था। उन्होंने उसमें दी गई हर जानकारी पर रिसर्च की ताकि इंटरव्यू में उससे जुड़े सवालों का सही जवाब दे सकें।

पढ़ाई के साथ हॉबी भी जरूरी

UPSC की तैयारी के दौरान कृतिका को नॉन-फिक्शन किताबें पढ़ना और पेंटिंग करना पसंद था। उनका मानना है कि हॉबीज व्यक्ति को मानसिक रूप से संतुलित बनाए रखने में मदद करती हैं।

आध्यात्मिकता और परिवार से मिला हौसला

कृतिका खुद को एक आध्यात्मिक व्यक्ति मानती हैं। जब भी वह निराश महसूस करती थीं तो मंदिर जाकर मन को शांत करती थीं। उन्होंने बताया कि उनकी मां उनकी सबसे अच्छी दोस्त और सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। तैयारी के दौरान उनकी मां दिल्ली में उनके साथ रहीं और हर कदम पर उनका समर्थन किया।

लक्ष्य: महिला शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर काम

भविष्य की योजनाओं के बारे में कृतिका का कहना है कि वह प्रशासनिक सेवा में रहते हुए महिला शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करना चाहती हैं।

सफलता के लिए अनुशासन और लक्ष्य जरूरी

कृतिका के अनुसार UPSC की तैयारी करने वालों के लिए नियमितता और लक्ष्य बहुत जरूरी है। वह बताती हैं कि हर व्यक्ति की अपनी अलग दिनचर्या होती है, लेकिन साप्ताहिक और मासिक लक्ष्य तय करके उन्हें पूरा करना बेहद महत्वपूर्ण है। उनकी दिनचर्या सुबह 7 बजे से शुरू होती थी और शाम तक पढ़ाई चलती थी। प्रीलिम्स के बाद पढ़ाई का समय बढ़कर 12 से 14 घंटे तक हो जाता था।

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मेहनत और स्मार्ट वर्क दोनों जरूरी

कृतिका का मानना है कि UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता पाने के लिए सिर्फ मेहनत ही नहीं बल्कि स्मार्ट वर्क भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई उम्मीदवार लगातार 10 से 12 घंटे पढ़ाई कर सकता है और सही रणनीति के साथ तैयारी करता है, तो वह इस परीक्षा में जरूर सफल हो सकता है।

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