फ़्लोरिडा। फ़्लोरिडा के Kennedy Space Center से मानवता की अगली ऐतिहासिक चंद्र यात्रा NASA का Artemis-II मिशन एक बार फिर देरी का शिकार हो गया है। शनिवार को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने घोषणा की कि रॉकेट और Orion Spacecraft को लॉन्चपैड से वापस रोलबैक किया जा रहा है क्योंकि सिस्टम में एक गंभीर तकनीकी समस्या मिली है।
यह मिशन 50 साल बाद पहली बार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की परिक्रमा पर भेजने वाला था, लेकिन ताजा तकनीकी अड़चन के बाद मार्च लॉन्च विंडो लगभग असंभव हो गई है।
कहां आई खराबी NASA ने जारी किया बयान
NASA के अनुसार यह समस्या रॉकेट के हीलियम फ्लो सिस्टम में रुकावट के कारण उत्पन्न हुई। हीलियम का लगातार प्रवाह रॉकेट के इंजन सिस्टम और प्रेशराइजेशन के लिए बेहद जरूरी होता है।
एजेंसी ने कहा:
टीमें डेटा की समीक्षा कर रही हैं और रोलबैक की तैयारी में जुटी हैं ताकि समस्या को जल्द से जल्द दूर किया जा सके। इंजीनियर मिशन के अगले कदमों पर काम कर रहे हैं। NASA ने यह भी साफ कर दिया है कि यह रुकावट मार्च लॉन्च विंडो को प्रभावित करेगी। यह फैसला उस घोषणा के सिर्फ 24 घंटे बाद आया है जब NASA ने 6 मार्च 2026 को लॉन्च की संभावित तारीख तय की थी। टीम की मेहनत पर असर, NASA प्रमुख ने कहा सबसे ज्यादा निराश हम हैं।
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NASA एडमिनिस्ट्रेटर Jared Isaacman ने X (Twitter) पर लिखा–
मैं लोगों की निराशा समझ सकता हूं। पर सबसे ज्यादा निराशा NASA की टीम को है, जो लगातार मिशन को तैयार करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और विश्वसनीयता NASA की सबसे पहली प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी तकनीकी खामी को नजरअंदाज करना संभव नहीं।
Artemis-II: क्यों है इतना महत्वपूर्ण मिशन
Artemis-II मिशन Apollo प्रोग्राम के बाद पहली बार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा के चारों ओर भेजेगा। यह मिशन भविष्य के Artemis कार्यक्रमों का आधार तैयार करेगा, जिनमें चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति Artemis-III में मानव की चंद्रमा पर वापसीऔर आगे चलकर Mars Mission की तैयारी शामिल है। यह USA ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के अंतरिक्ष विज्ञान के लिए एक ऐतिहासिक कदम है।
कौन बनाता है Artemis-II रॉकेट
इस मिशन का रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट कई बड़े एयरोस्पेस दिग्गजों की साझेदारी से बना है—
Boeing (BA) – रॉकेट निर्माण का प्रमुख हिस्सा
Northrop Grumman (NOC) – बूस्टर तकनीक
Lockheed Martin (LMT) – Orion spacecraft का प्राइम कॉन्ट्रैक्टर
तकनीकी खामी आने से इन कंपनियों के स्टॉक पर भी हल्की गिरावट देखी जा सकती है।
समस्या के असर: अब आगे क्या
NASA की इंजीनियरिंग टीम जल्द ही हीलियम फ्लो सिस्टम की पूरी जांच करेगी, दोषपूर्ण हिस्से की, मरम्मत/बदलाव करेगी, नई टेस्टिंग सीक्वेंस चलाएगी। इसके बाद ही नई लॉन्च तारीख का ऐलान किया जाएगा। मौजूदा स्थिति बताती है कि Artemis-II का लॉन्च कुछ हफ्तों से लेकर महीनों तक आगे बढ़ सकता है।
मिशन में देरी लेकिन उम्मीद कायम
तकनीकी रुकावटों ने भले Artemis-II मिशन को धीमा कर दिया हो, लेकिन NASA कह चुका है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह देरी मिशन की मजबूती और विश्वसनीयता को और पुख्ता करेगी। NASA जल्द ही नई तारीख जारी करेगा और दुनिया की निगाहें इसी ऐतिहासिक उड़ान पर टिकी रहेंगी।

