कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को सुदृढ़ करने के लिए ’’मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी)’’ लागू की है। इसके तहत मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की पहचान से लेकर परामर्श, विशेषज्ञ सहायता और आपातकालीन स्थिति में आवश्यक कार्रवाई तक की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
विश्वविद्यालय के मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता प्रकोष्ठ के नोडल ऑफिसर व प्रो. अनिल गुप्ता ने बताया कि एसओपी का उद्देश्य जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर उचित सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरुकता एवं सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देना है। तनाव, चिंता, लगातार उदासी, सामाजिक दूरी, भावनात्मक अस्थिरता, व्यवहार में बदलाव अथवा शैक्षणिक एवं कार्य प्रदर्शन में गिरावट जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए 24×7 हेल्पलाइन 7082113150 या प्राक्टर कार्यालय की ईमेल पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक बुधवार दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक प्रॉक्टर कार्यालय, कमरा नंबर-1, डीन बिल्डिंग में परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे। यहां संबंधित व्यक्ति अपनी समस्या साझा कर आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है।
प्रो. अनिल गुप्ता ने बताया कि आवश्यकता के अनुसार कैंपस काउंसलर द्वारा मामले का आकलन किया जाएगा। गंभीर मामलों में काउंसलर की सलाह पर संबंधित व्यक्ति को ’’मनोचिकित्सक अथवा अस्पताल’’ में विशेषज्ञ उपचार के लिए रेफर किया जाएगा।
आत्म-क्षति, हिंसक व्यवहार अथवा गंभीर मानसिक संकट जैसी आपात स्थितियों में तत्काल हस्तक्षेप के लिए सुरक्षा कर्मियों एवं विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र को सूचित करने का प्रावधान किया गया है। ऐसी परिस्थितियों में संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा एवं आवश्यक चिकित्सकीय सहायता को प्राथमिकता दी जाएगी। एसओपी में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मामलों की गोपनीयता’’ को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। काउंसलिंग के दौरान साझा की गई व्यक्तिगत जानकारी को संवेदनशीलता के साथ संभालने तथा आवश्यकता के अनुरूप ही संबंधित स्तर पर जानकारी साझा करने की व्यवस्था की गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का यह प्रयास परिसर में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर झिझक और संकोच को कम करने तथा विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय समुदाय को समय पर सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय में ऐसा वातावरण विकसित करने पर जोर दिया गया है, जहां मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य की तरह ही प्राथमिकता दी जाए और जरूरत के समय प्रत्येक व्यक्ति को सहयोग मिल सके। मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण संबंधित एसओपी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी अपलोड की गई है।
Kurukshetra University ने मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए जारी की SOP
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को सुदृढ़ करने के लिए ’’मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी)’’...


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