आधुनिक दौर में World’s tallest buildings केवल कंक्रीट और स्टील की संरचनाएं नहीं रहीं, बल्कि वे तकनीकी दक्षता, आर्थिक ताकत और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन चुकी हैं। खासकर पिछले दो दशकों में एशिया और मध्य-पूर्व में अभूतपूर्व विकास हुआ है, जिसने दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों की सूची को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है।
- Burj Khalifa – दुबई, संयुक्त अरब अमीरात
828 मीटर ऊंची बुर्ज खलीफा आज भी दुनिया की सबसे ऊंची इमारत है। वर्ष 2010 में पूर्ण हुई यह इमारत आवासीय, व्यावसायिक और ऑब्जर्वेशन डेक जैसी मिश्रित सुविधाओं से सुसज्जित है। यह दुबई के तेजी से बढ़ते शहरी विकास और महत्वाकांक्षा का प्रतीक मानी जाती है।
- Merdeka 118 – कुआलालंपुर, मलेशिया
करीब 679 मीटर ऊंची मर्डेका 118 वर्ष 2023 में पूरी हुई और यह दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची इमारत है। इसकी डिजाइन मलेशिया की पारंपरिक ज्यामितीय कला से प्रेरित है। इसमें कार्यालय, होटल और ऑब्जर्वेशन डेक जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
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- Shanghai Tower – शंघाई, चीन
632 मीटर ऊंची शंघाई टावर पूर्वी एशिया की सबसे ऊंची इमारत है। इसकी घुमावदार डिजाइन हवा के दबाव को कम करती है और ऊर्जा दक्षता बढ़ाती है। इसमें दफ्तर, होटल, रिटेल स्पेस और पर्यटन सुविधाएं मौजूद हैं।
- Makkah Royal Clock Tower – मक्का, सऊदी अरब
लगभग 601 मीटर ऊंची यह इमारत दुनिया की सबसे बड़ी घड़ी वाले टावर के रूप में प्रसिद्ध है। यह परिसर हर साल लाखों हज यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया है और धार्मिक महत्व के साथ आधुनिक वास्तुकला का संगम प्रस्तुत करता है।
- Ping An Finance Center – शेन्ज़ेन, चीन
करीब 599 मीटर ऊंची पिंग एन फाइनेंस सेंटर मुख्य रूप से कार्यालय उपयोग के लिए जानी जाती है। यह शेन्ज़ेन के वित्तीय और तकनीकी हब के रूप में उभरने का प्रतीक है।
- Lotte World Tower – सियोल, दक्षिण कोरिया
554 मीटर ऊंची लोटे वर्ल्ड टावर दक्षिण कोरिया की सबसे ऊंची इमारत है। इसमें शॉपिंग मॉल, दफ्तर, आवासीय अपार्टमेंट और लग्जरी होटल शामिल हैं। यह सियोल की वैश्विक पहचान को मजबूत करती है।
- One World Trade Center – न्यूयॉर्क, अमेरिका
करीब 541 मीटर ऊंची वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर एशिया के बाहर की सबसे ऊंची इमारत है। 11 सितंबर हमलों के बाद निर्मित यह इमारत पुनर्निर्माण और दृढ़ता का प्रतीक है।
दुनिया की ये गगनचुंबी इमारतें मानव इंजीनियरिंग और वास्तुकला की नई परिभाषा गढ़ रही हैं। चाहे दुबई हो या न्यूयॉर्क, ये संरचनाएं आर्थिक शक्ति, सांस्कृतिक पहचान और तकनीकी प्रगति का प्रतीक हैं। भविष्य में हरित तकनीक और टिकाऊ निर्माण पद्धतियों के साथ और भी ऊंची व पर्यावरण-अनुकूल इमारतें दुनिया की स्काईलाइन को नया रूप देंगी।

