नई दिल्ली। राजधानी में अब ट्रैफिक Challan को टालना महंगा पड़ सकता है। केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में किए गए संशोधनों को दिल्ली में लागू करने की तैयारी है, जिसके तहत चालान के निपटान के लिए एक तय समयसीमा निर्धारित की जाएगी। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद नागरिकों को समय पर चालान का भुगतान करना अनिवार्य होगा, अन्यथा सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, यह नई प्रणाली ट्रैफिक नियमों के पालन को सुनिश्चित करने, सड़क सुरक्षा बढ़ाने और पूरी प्रक्रिया को डिजिटल व पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लाई जा रही है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस भी ई-चालान प्रणाली के माध्यम से उल्लंघनों की निगरानी को और मजबूत कर रही है।
बार-बार उल्लंघन पर सख्ती
संशोधित नियमों के तहत यदि कोई व्यक्ति एक वर्ष के भीतर पांच या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन या अयोग्यता जैसी कार्रवाई की जा सकती है। यह प्रावधान लगातार नियम तोड़ने वालों पर नकेल कसने के उद्देश्य से जोड़ा गया है।
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सीधे कोर्ट जाना नहीं होगा आसान
नई व्यवस्था के तहत चालान को चुनौती देने की प्रक्रिया भी बदलेगी। अब सीधे अदालत जाने के बजाय पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपील करनी होगी। इससे मामलों के निपटारे में तेजी आने और अनावश्यक लंबित मामलों में कमी आने की उम्मीद है।
डिजिटल सिस्टम से बढ़ेगी निगरानी
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, चालान की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है। इससे चालान जारी होने से लेकर भुगतान और रिकॉर्ड तक सब कुछ ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बच निकलने की संभावना कम होगी।
क्या बदल रहा है
– तय समयसीमा में चालान भुगतान अनिवार्य
– बार-बार उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
– डिजिटल ट्रैकिंग और रिकॉर्ड सिस्टम
किन पर होगी सबसे ज्यादा सख्ती
– एक वर्ष में 5 या अधिक बार नियम तोड़ने वाले
– पेंडिंग चालान रखने वाले वाहन चालक
आप क्या करें
– समय पर चालान का भुगतान करें
– अपने पेंडिंग चालान नियमित रूप से जांचें
-ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करें

