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स्प्लिट AC में ज्यादा दिखते हादसे, असल खतरा वायरिंग और इंस्टालेशन में

नई दिल्ली। राजधानी समेत देश के कई हिस्सों में Air conditioner (AC) से जुड़ी आग और “ब्लास्ट जैसे” हादसों के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का साफ कहना है कि इन घटनाओं के लिए किसी एक तरह के AC को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। असली खतरा घर के इलेक्ट्रिकल सिस्टम, खराब वायरिंग, गलत इंस्टालेशन और समय पर रखरखाव की कमी में छिपा है।

AC इंस्टालेशन एक्सपर्ट कृष्णन कुमार के अनुसार, स्प्लिट और विंडो AC दोनों में जोखिम की स्थिति बन सकती है, लेकिन व्यवहारिक तौर पर स्प्लिट AC से जुड़े हादसे अधिक सामने आते हैं। इसकी वजह यह है कि स्प्लिट AC में इंडोर और आउटडोर यूनिट के बीच अलग-अलग केबलिंग और कनेक्शन होते हैं। ऐसे में इंस्टालेशन में जरा सी भी चूक या ढीले कनेक्शन स्पार्किंग और Short Circuit का कारण बन सकते हैं।

वहीं विंडो AC एक सिंगल यूनिट होता है, इसलिए उसमें इंस्टालेशन से जुड़ी समस्याएं अपेक्षाकृत कम होती हैं। हालांकि ओवरलोडेड सॉकेट, खराब प्लग और पुरानी वायरिंग वहां भी खतरा पैदा कर सकती है।

क्या होता है AC ब्लास्ट

विशेषज्ञों के अनुसार AC आमतौर पर बम की तरह नहीं फटता, बल्कि तकनीकी खराबियों के कारण “ब्लास्ट जैसा असर” पैदा होता है। इसमें कंप्रेसर फेल होने पर तेज आवाज आ सकती है या शॉर्ट सर्किट और ओवरहीटिंग के कारण आग लग सकती है। रेफ्रिजरेंट गैस का रिसाव और मशीन के अंदर अत्यधिक प्रेशर बनना भी जोखिम को बढ़ाता है।

गर्मी में बढ़ जाता है खतरा

गर्मी के मौसम में AC का उपयोग कई गुना बढ़ जाता है। लंबे समय तक लगातार चलने, बाहरी तापमान अधिक होने और बिजली के लोड बढ़ने से छोटी-छोटी तकनीकी खराबियां भी बड़े हादसे में बदल सकती हैं। वेंटिलेशन और एयर फ्लो की कमी भी जोखिम को और बढ़ाती है।

आग और शॉर्ट सर्किट के प्रमुख कारण

– लगातार चलने से ओवरहीटिंग

– खराब या पुरानी वायरिंग

– रेफ्रिजरेंट गैस का रिसाव

– गलत या अधूरा इंस्टालेशन

– समय पर सर्विस न होना

– गंदे फिल्टर और काइल से एयर फ्लो बाधित होना

जरूरी सावधानियां

– हर AC के लिए अलग इलेक्ट्रिकल लाइन और उचित क्षमता का MCB लगवाएं

– समय-समय पर सर्विसिंग और इलेक्ट्रिकल ऑडिट कराएं

– AC के आसपास पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखें

इन गलतियों से बचें

– ओवरलोड सॉकेट या मल्टी-प्लग पर AC चलाना

– पुरानी वायरिंग पर नया लोड जोड़ना

– लंबे समय तक बिना ब्रेक AC चलाना

– सर्विस और सफाई को नजरअंदाज करना

– ढीले कनेक्शन या गर्म होते स्विच को अनदेखा करना

विशेषज्ञों के अनुसार AC से जुड़े “ब्लास्ट” दरअसल तकनीकी फेल्योर का परिणाम होते हैं, न कि कोई अचानक विस्फोट। स्प्लिट AC में हादसे अधिक दिखने की वजह उसकी जटिल इंस्टालेशन प्रक्रिया है, लेकिन मूल समस्या हर मामले में एक ही है—खराब वायरिंग, गलत इंस्टालेशन और रखरखाव की कमी।

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