एनआईए पंचकूला में क्रॉनिक किडनी डिजीज पर सेमिनार, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति किया जागरूक
पंचकूला। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), पंचकूला में आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में कायचिकित्सा विभाग की ओर से क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) सेमिनार और मोटापा जांच एवं परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। ओपीडी-101 में आयोजित मोटापा जांच शिविर में 50 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इस दौरान मोटापे से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों की शुरुआती पहचान और उनके प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एमडीएस थाना प्रभारी राजेश कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। वहीं, एमिल फार्मास्यूटिकल के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. मोहम्मद फैज ने क्रॉनिक किडनी डिजीज पर विशेष व्याख्यान दिया।
समय पर पहचान और प्रबंधन जरूरी
मुख्यातिथि एमडीएस थाना प्रभारी राजेश कुमारी ने कहा कि बदलती जीवनशैली में मोटापा तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि मोटापे की समय रहते पहचान और उचित प्रबंधन जरूरी है। एनआईए पंचकूला की ओर से आयुर्वेद दिवस पर आयोजित मोटापा जांच एवं परीक्षण शिविर को उन्होंने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने वाली पहल बताया।
डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने कहा कि लोगों को खान-पान, दिनचर्या और शारीरिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।
डीएमएस डॉ. गौरव गर्ग ने बताया कि संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में शिविर का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य लोगों को रोगों की रोकथाम, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना रहा।
क्रॉनिक किडनी डिजीज पर हुई चर्चा
सेमिनार हॉल में आयोजित विशेष व्याख्यान में एमिल फार्मास्यूटिकल के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. मोहम्मद फैज ने क्रॉनिक किडनी डिजीज के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में बताया।
कार्यक्रम के दौरान क्रॉनिक किडनी डिजीज की रोकथाम, समय पर जांच और इसके प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मैत्री एचएस ने बताया कि मोटापा जांच एवं परीक्षण शिविर में मोटापे से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों की शुरुआती पहचान और उनके प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया। शिविर में 50 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ. मंजू सैनी, प्रोफेसर डॉ. सुमित श्रीवास्तव, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गुंजन वर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मेघना वैद्य, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शशि प्रकाश गुरव, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रिचा मोहन, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वैभव दत्तात्रय फरताले, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. समित मसंद, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रितेश, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अश्वति पी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. महेश एम तथा असिस्टेंट प्रोफेसर चंद्रमोहन प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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