चीका में नशा विरोधी जागरूकता अभियान में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा- नशे के सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने में समाज की भागीदारी जरूरी
चीका। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार की समस्या नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर सामाजिक संकट है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नशे के खिलाफ अभियान को प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2029 तक ‘नशामुक्त भारत’ के लक्ष्य के लिए रोडमैप तैयार किया है।
डॉ. गुप्ता गत दिवस देर शाम सेवा संकल्प अभियान के दौरान चीका स्थित श्री भवानी मंदिर में आयोजित नशा विरोधी जागरूकता अभियान में पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने युवाओं और अभिभावकों से संवाद किया।
नशे के नेटवर्क और सप्लाई चेन पर कार्रवाई की जरूरत
डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल नशीले पदार्थों की खेप पकड़ने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके पूरे नेटवर्क, वित्तीय तंत्र और सप्लाई चेन पर कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से 2026 से 2029 तक के लिए नशे के खिलाफ समयबद्ध रोडमैप तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें खेल, शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास से जोड़ना जरूरी है। युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
पंजाब सरकार पर लगाए आरोप
डॉ. गुप्ता ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ बड़े-बड़े वादों के बावजूद पंजाब में यह समस्या गंभीर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब से सटे हरियाणा के जिलों और क्षेत्रों में विशेष सतर्कता की आवश्यकता है, ताकि नशे के नेटवर्क को सीमा पार फैलने से रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसके लिए परिवारों की जागरूकता और समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
18 सितंबर से शुरू हुई ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’
डॉ. गुप्ता ने कहा कि भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के माध्यम से पंजाब में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने 18 सितंबर को पठानकोट के माधोपुर से इस अभियान की पहली यात्रा को रवाना किया था। अभियान का उद्देश्य नशे के खिलाफ लोगों, विशेषकर युवाओं और परिवारों को जागरूक करना है।
उन्होंने कहा कि नशे जैसी गंभीर समस्या केवल भाषणों और नारों से समाप्त नहीं होगी। इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रभावी पुलिस कार्रवाई, परिवारों की जागरूकता और समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
युवाओं से नशे के खिलाफ प्रहरी बनने का आह्वान
डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर युवाओं और परिवारों तक पहुंचाने की आवश्यकता है। सीमावर्ती हरियाणा क्षेत्रों के युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक प्रहरी की भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “युवा शक्ति का स्थान नशे की गिरफ्त में नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा में है।” सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से भाजपा इसी सामाजिक जिम्मेदारी को जनअभियान का स्वरूप देने का प्रयास कर रही है।
ये रहे प्रमुख पदाधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी, प्रदेश सचिव रवि बतान, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अवनीत वड़ैच, जिला परिषद चेयरमैन कर्मबीर कौल, पूर्व विधायक लीला राम, पूर्व विधायक फूल सिंह खेड़ी, रवि तारावांली, जगमाल सिंह राणा, राजेश शर्मा पिंटू, रामप्रताप गुप्ता, हिमांशु गोयल एडवोकेट, जिला मीडिया प्रभारी भाजपा कैथल, सूरताराम वाल्मीकि सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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