सोशल मीडिया पर Petrol-diesel की कीमतों में भारी बढ़ोतरी को लेकर वायरल हो रही खबर पूरी तरह फर्जी पाई गई है। Press Information Bureau (PIB) ने इस वायरल पोस्ट का खंडन करते हुए साफ किया है कि सरकार की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
फर्जी आदेश में क्या किया गया था दावा
वायरल हो रहे कथित आदेश में दावा किया गया था कि Ministry of Petroleum and Natural Gas ने पेट्रोल की कीमत में 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 12.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इसे आधिकारिक नोटिफिकेशन बताकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की गई।
PIB फैक्ट चेक ने दी सच्चाई
PIB फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार ने इस तरह का कोई भी आदेश जारी नहीं किया है। यह दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी है और लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से फैलाया जा रहा है। PIB ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी अपुष्ट खबरों को साझा करने से बचें।
फर्जी दस्तावेज में गढ़ी गई थी कहानी
फर्जी नोटिस में यह भी दावा किया गया था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 100 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि हो चुकी है, जिससे तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है। इसी आधार पर कीमत बढ़ाने की बात कही गई थी। साथ ही एक अन्य नकली दस्तावेज को Ministry of Finance की अधिसूचना बताकर पेश किया गया।
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वास्तविक कीमतें स्थिर
सरकारी सूत्रों के अनुसार देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
- दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर
- मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपये और डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर
लोगों से अपील: आधिकारिक स्रोत पर ही करें भरोसा
PIB ने लोगों को सलाह दी है कि वे किसी भी जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसे आधिकारिक सरकारी स्रोतों से जरूर सत्यापित करें। फर्जी खबरें न सिर्फ भ्रम फैलाती हैं, बल्कि अनावश्यक घबराहट भी पैदा कर सकती हैं।

